29 नव॰ 2012
24 नव॰ 2012
अरविंद केजरीवाल ने बनाई ‘आम आदमी पार्टी’
नई दिल्ली : अरविंद केजरीवाल की पार्टी के संस्थापक सदस्यों की शनिवार को हुई बैठक में उनकी पार्टी का नाम ‘आम आदमी पार्टी’ रखा गया और इस दौरान संगठन के संविधान को भी मंजूरी दी गई।
सूत्रों ने कहा कि करीब 300 संस्थापक सदस्यों की बैठक आज कंस्टीट्यूशन क्लब में हुई। इस दौरान केजरीवाल ने पार्टी के नाम का प्रस्ताव दिया, जिसे अन्य सदस्यों ने स्वीकार कर लिया।
उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी के संविधान को भी स्वीकार किया गया। मयंक गांधी ने इसका प्रस्ताव दिया जिसका चंद्रमोहन ने समर्थन किया।
अगस्त में अनशन के दौरान हजारे और केजरीवाल ने यह कहते हुए आंदोलन समाप्त कर दिया कि देश को कांग्रेस और भाजपा का राजनीतिक विकल्प मुहैया कराने के लिए वे काम करेंगे।
बहरहाल हजारे और केजरीवाल ने पार्टी बनाने को लेकर हुए मतभेद के बाद 19 सितम्बर को अपने रास्ते अलग कर लिए। हजारे अपने रुख पर कायम रहे कि आंदोलन को गैर राजनीतिक रहना चाहिए।
केजरीवाल ने दो अक्तूबर को पार्टी के गठन की घोषणा की थी और कहा था कि आधिकारिक रूप से इसे 26 नवम्बर को शुरू किया जाएगा। इसी दिन 1949 को संविधान को अंगीकार किया गया था।
बैठक से पहले केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी, महिलाएं, बच्चे उनकी पार्टी का गठन कर रहे हैं।
23 नव॰ 2012
शादी कार्ड पर छपेगी वर-वधू की उम्र
शादी-ब्याह के लिए छपवाए जाने वाले निमंत्रण पत्रों पर अब दूल्हा-दुल्हन की जयपुर, 24 नवम्बरजन्मतिथि अंकित करने के साथ ही बालिग होने का प्रमाण पत्र देना आवश्यक होगा। उनके जन्म का प्रमाण पत्र देने के बाद ही प्रिटिंग प्रेस मालिक शादी के कार्ड छापकर देगा।
गौरतलब है कि देव प्रबोधनी एकादशी, बसंत पंचमी, फुलेरा दूज तथा अक्षय तृतीया पर बाल विवाहों की संभावनाओं को देखते हुए उनकी रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर के कार्मिक यथा पटवारी, गिरदावर, सचिव, बीट कांस्टेबल, हेल्पर, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सहयोगिनी, साथिन, गांव में स्थित किसी भी स्तर के विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं गांव के किसी भी सरकारी कार्यालय के कर्मचारी को पाबंद करती है कि वे बाल विवाह के आयोजन की सूचना तत्काल प्रभाव से उस क्षेत्र के उपखण्ड अधिकारी को दें। इसके अलावा उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी को विवाह में प्रयुक्त होने वाले वाहनों को परमिट देते समय इस बात को प्रमाणित करने के निर्देश दिए हैं कि वाहन बाल विवाह में उपयोग में नहीं लिया जाएगा। विवाह के कार्य करवाने वाले बैंड-बाजा मालिक, हलवाई, पंडित को भी बाल विवाह नहीं करवाए जाने के लिए कहा जाता है लेकिन इसके बावजूद बाल विवाह होने की घटनाएं हो रही हंै।
इन घटनाओं के बीच आज देव प्रबोधनी एकादशी के अबूझ सावे पर जिला कलेक्टर की ओर से की गई यह पहल जनचेतना का जरिया बनेगी।
देश में इस्लामिक बैंकिंग संभव नहीं: आरबीआई
इस्लामिक बैंकिंग से जुड़े एक सवाल के जवाब में सुब्बाराव ने कहा कि कानूनी स्तर पर कुछ समस्याएं हैं। रिजर्व बैंक ने इस मामले का अध्ययन किया है। इस्लामिक बैंकिंग शुरू करने के पीछे के उद्देश्यों की हम सराहना करते है, लेकिन कुछ कानूनी दिक्कतें हैं। उन्होंने कहा कि इस्लामिक बैंकिंग के लिए अलग से कानून के बिना इस तरह की बैंकिंग को पेश करना संभव नहीं है।
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