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Founder Editor(Print): late Shyam Rai Bhatnagar (journalist & freedom fighter) International Editor : M. Victoria Editor : Ashok Bhatnagar *
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2 मार्च 2013

सात साल की बच्ची से रेप का मामला : एनएमसीडी ने दिए जांच के आदेश


नई दिल्ली. राजधानी के मंगोलपुरी में सात साल की बच्ची से रेप के मामले में उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने जांच के आदेश दे दिए हैं। निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष महेंद्र नागपाल ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि बताया कि इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस मामले में स्कूल का टीचर या स्टाफ जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हंगामे के बाद मामला दर्ज करने के मामले में दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर तेजेंदर लूथरा ने कहा कि बच्ची के परिजन शुक्रवार को थाने में शिकायत लेकर आए थे। पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
फिर आई सीसीटीवी और गार्ड की याद
वारदात के बाद एनएमसीडी को एक बार फिर सीसीटीवी कैमरे और निजी सुरक्षा गार्ड रखने की याद आई है। नागपाल ने शुक्रवार को कहा कि निगम अपने सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाएगी और दरवाजे पर निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे।
निगम में विपक्ष के नेता मुकेश गोयल ने कहा कि सत्ता में बैठी भाजपा स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है। यह मामला स्थाई समिति में भी आ चुका है और पारित किया जा चुका है लेकिन बार-बार खर्चों का हवाला देकर बस हवा हवाई बातें होती हैं।
मुख्यमंत्री ने घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया 
दिल्ली सरकार ने घटना के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम को दोषी बताया है। सरकार के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि निगम द्वारा स्कूल परिसर की सुरक्षा व निगरानी का अभाव इस घटना का कारण हो सकता है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस घटना पर गहरा दुख व चिंता जाते हुए इसे अमानवीय व शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना चौंकाने वाली है। उन्होंने कहा कि निगम को अपने सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की सरकार ने नगर निगम से कहा है कि वह अभिभावकों में सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने के लिए अपने प्राइमरी स्कूलों में सुरक्षा स्थिति का तत्काल जायजा ले। शिक्षा मंत्री किरण वालिया ने भी इस मामले में निगम की मेयर मीरा अग्रवाल से बातचीत की।

फिसली शिंदे की जुबान, लिया भंडारा दुष्कर्म पीडि़ता का नाम, खेद जताया

नई दिल्ली।
 
संसद में फिसली शिंदे की जुबान, लिया भंडारा दुष्कर्म पीडि़ता का नाम, खेद जताया केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को फिर एक बड़ी गलती कर दी। शिंदे ने राज्यसभा में महाराष्ट्र के भंडारा रेप केस पर बयान देते हुए तीनों नाबालिग पीड़िताओं का नाम ले लिया। इस पर नेता विपक्ष अरुण जेटली ने आपत्ति जताई और विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। इसके बाद राज्यसभा उपसभापति ने इसे कार्रवाई से हटा दिया।
वहीं भाजपा नेता अरुण जेटली की जासूसी में खुद पार्टी के नेता फंसते नजर आ रहे हैं। अनुराग सिंह नाम के जिस जासूस को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसके संबंध भाजपा नेता सुधांशु मित्‍तल से भी हैं। खुद, सुधांशु मित्‍तल ने भी इस बात को माना है कि वह अनुराग को लंबे वक्‍त से जानते हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी अनुराग सिंह के कई नेताओं के साथ भी करीबी संबंध रहे हैं। सुधांशु मित्तल पर वर्ष 1991, 1996 और 1998 के चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का भी आरोप लग चुका है। सुधांशु मित्तल का अरुण जेटली से रिश्ता अच्छा नहीं रहा है।
 
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को बीजेपी की एक बैठक में अरुण जेटली ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जब एक कारोबारी और बीजेपी के नेता का नाम (इशारा सुधांशु मित्तल की तरफ समझा जा रहा है) आ रहा है तो पार्टी के कुछ नेता उसकी तरफदारी में क्यों जुटे हुए हैं। 
 
शुक्रवार को यह मुद्दा राज्यसभा में भी गूंजा। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपने बयान में कहा, 'इस मामले में फोन टेपिंग नहीं बल्कि कॉल रिकॉर्ड हासिल किए गए थे। पांच मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड निकाले गए थे। हमने एयरटेल अधिकारियों से जवाब मांगा है। अरविंद डबास ने एसीपी के ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कॉल रिकॉर्ड हासिल करने के लिए किया था। यह बात भी पता चली है कि अरविंद डबास 1500 रुपये में नीरज को कॉल डिटेल देता था।' 
 
लेकिन गृह मंत्री के बयान से सदन के कई नेता असंतुष्ट रहे। बीजेपी नेता वैंकेया नायडू ने आरोप लगाया कि सरकार जासूसी केस को हल्के में ले रही है। नायडू ने पूछा कि सरकार क्या छिपा रही है? बीजेपी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि क्या जासूसी एजेंसी ने सरकार से इजाजत ली थी? क्या कोई सरकारी एजेंसी भी जासूसी में शामिल थी? रविशंकर प्रसाद ने यह भी पूछा कि प्राइवेट व्यक्तियों के हाथों में टेप रिकॉर्ड करने वाले यंत्र कैसे गए? बीजेपी के अलावा सपा नेता रामगोपाल ने कहा, 'गृहमंत्री का बयान आधा अधूरा है। किनकी कॉल डिटेल मांगी गई थी, गृहमंत्री ने उनका नाम नहीं बताया। गृह मंत्री जी आपने कोई नहीं जानकारी नहीं दी। आपसे ज्यादा जानकारी तो मीडिया से मिल रही है। फोन टेपिंग के लिए राज्यसभा के सभापति की अनुमति होनी चाहिए। दोनों सदनों के करीब सौ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, जिनके फोन कॉल डिटेल हासिल किए गए हैं या फोन टेप किए गए हैं।' सपा नेता रामगोपाल ने गृहमंत्री से यह भी जवाब मांगा कि एक कांस्टेबल को राजनीतिक नेता के कॉल डिटेल की जरूरत क्यों होगी? इसके घटना के पीछे कौन है? सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने भी दावा किया कि उनका फोन कॉल भी टेप किया जा रहा है। 
 
सुशील कुमार शिंदे ने राज्यसभा में नेताओं के सवालों की बौछार के बाद जवाब देते हुए कहा, 'भारत सरकार किसी भी सांसद को फोन टेप नहीं कर रही है। सरकार ने किसी भी नेता के फोन कॉल के रिकॉर्डिंग की मांग नहीं की थी। सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्डिंग) के बारे में कोई कानून नहीं है। इस मामले में अभी तक सिर्फ शुरुआती जांच हुई है।' गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि जिनका कॉल डिटेल निकालवाने की कोशश की गई थी वह ( अरुण जेटली) आसान आदमी नहीं है। जब सांसदों ने गृहमंत्री की 'आसान आदमी' की टिप्पणी पर चुटकी ली तो उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'मेरा आसान आदमी कहने के पीछे आशय साधारण आदमी से था।' इस दौरान सदन में विपक्ष के नेता अरुण जेटली मुस्कराते हुए नजर आए।

मोदी के मरीद हुए राजनाथ, कहा-बीजेपी के सबसे सफल मुख्यमंत्री

नई दिल्ली।। राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी छाए हुए हैं। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी पार्टी के फायरब्रैंड नेता मोदी के मुरीद हो गए हैं। उन्होंने 4,000 कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में मोदी को माला पहनाकर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने का इशारा कर दिया। इसके पहले शुक्रवार को जिस तरह राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मोदी के जयकारे लगे उससे यह और साफ हो गया है कि 2014 में सत्ता की प्राप्ति के लिए पार्टी मोदी को तुरुप का पत्ता मान रही है।
narendra-modi
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की 3 दिवसीय बैठक के दूसरे दिन शनिवार को भी नरेंद्र मोदी छाए रहे। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने गुजरात में शानदार हैट-ट्रिक लगाई है। मोदी देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। इंटरनैशनल लेवल पर गुजरात के विकास मॉडल की प्रशंसा हुई है। अमेरिका, यूरोप सहित पूरी दुनिया आज मोदी के काम की कायल है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से खडे़ होकर मोदी के लिए तालियां बजाकर स्वागत करने का आग्रह किया।

इसके पहले भले ही मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाने पर अभी बीजेपी ने भले ही कोई फैसला न लिया हो, लेकिन दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष विजय गोयल को लगने लगा है कि जैसे मोदी ही पीएम हों। बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ही दिल्‍ली बीजेपी अध्‍यक्ष विजय गोयल ने कहा कि देश का बच्चा-बच्चा चाहता है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हों। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी कहा कि देश के विकास के लिए अब मोदी मॉडल को अपनाने की जरूरत है। इसके पहले उत्तराखंड के ही एक और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भी शुक्रवार को मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाने की मांग कर चुके हैं।

केंद्र सरकार को निशाने पर लिया
राजनाथ ने अपने भाषण में मोदी की तो प्रशंसा की ही, साथ ही केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। राजनाथ ने कहा महाकुंभ में सरकार की बदइंतजामी के चलते इस पवित्र अवसर पर कई लोगों की मौत हो गई। हैदराबाद में भी सरकार की लापरवाही की वजह से कई लोगों की जानें गईं। ये सरकार हर मोर्चे पर विफल है। महंगाई, सुरक्षा और कूटनीतिक स्तर पर यूपीए सरकार फेल रही है। आतंकवाद पर सरकार का रवैया लचर है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में घुसने से रोकने में सरकार नाकाम है।

गडकरी का बचाव किया
राजनाथ सिंह ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी का बचाव करते हुए कहा कि उनपर गलत आरोप लगाए गए है। पूरी पार्टी नितिन गडकरी के साथ है।

मार्च के अंत में मोदी को बड़ी जिम्मेदारी?
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हर तरफ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की धूम है, लेकिन इस बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजनीति में उनकी बड़ी भूमिका को लेकर कोई घोषणा नहीं होने वाली है। मोदी को लेकर कोई भी फैसला मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही होने की उम्मीद है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि 11 मार्च को संभवत: नए अध्यक्ष राजनाथ सिंह अपनी नई टीम घोषित करेंगे। इसके बाद ही मोदी को लेकर तस्वीर साफ होगी। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिध सभा की बैठक इस महीने 11 से 13 तारीख तक जयपुर में होनी है। उसी के बाद फैसला होगा।
नई दिल्ली। राजनाथ सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी भाजपा के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। हमारे सभी मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं। मोदी की हैट्रिक से हम बहुत खुश हैं। अमेरिका हो चाहे यूरोप सबने मोदी की तारीफ की है। राजनाथ सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं को खड़े होकर मोदी का स्वागत करने को कहा। राजनाथ सिंह ने माला पहना कर मोदी का स्वागत किया। चुनौती कितनी भी बड़ी हम जीतेंगे। इस उत्साह के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि व्यवस्था ठीक नहीं होने से कुंभ हादसा हुआ। हैदराबाद ब्लास्ट के जरिए दुख जाहिर करते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। केंद्र सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए बांग्लादेश की घुसपैठ को देश के लिए खतरा बताया।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तीन दिवसीय बैठक का शनिवार को दूसरा दिन है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में मोदी और शिवराज सिंह चौहान को संसदीय बोर्ड में शामिल करने का ऐलान हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह उनकी पीएम पद की उम्मीदवारी की तरफ एक बड़ा कदम होगा। कल पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा था कि यदि बीसवीं सदी भारत में कांग्रेस की थी तो इक्कीसवीं सदी देश में भाजपा की होगी।
आज से पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में आर्थिक और राजनीतिक मुद्दे तय करने के साथ ही इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी रणनीति तय की जाएगी। इस बैठक में यह भी तय किया जाना है कि भाजपा कैसे आर्थिक एवं सुरक्षा के मोर्चे पर संप्रग सरकार की विफलता को लोगों के सामने पेश कर उसको चुनौती देगी।
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि पार्टी पीएम पद के लिए किसी भी नाम की घोषणा वक्त आने पर करेगी। उन्होंने बताया कि भाजपा की कार्यकारिणी में भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाने का फैसला किया गया है। आम चुनाव में पार्टी सुशासन संकल्प, बीजेपी विकल्प के नए नारे के साथ उतरेगी। बैठक के पहले दिन पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह नरेंद्र मोदी को गुजरात में हैट्रिक लगाने पर बधाई दी। उन्होंने सभी से आपसी मतभेद भुलाकर मिशन 2014 की तरफ आगे बढ़ने की अपील की है।
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नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर पेट्रोल की कीमत का बोझ फिर से बढ़ गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर शुक्रवार रात से पेट्रोल महंगा कर दिया है। पिछले एक पखवाड़े में दूसरी बार इसके दाम बढ़े हैं। इस बार इसमें 1.40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। 16 फरवरी को भी पेट्रोल की खुदरा कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
जून 2010 में नियंत्रण मुक्त किए जाने के बाद पेट्रोल के दाम 21वीं बार बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल के दामों में 27 संशोधन किए गए हैं। 20 बार दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि आठ बार घटाए गए हैं। हाल की में जनवरी में पेट्रोल के दाम 30 पैसे घटाए गए थे। इसके बाद से दाम बढ़ाए जाने का सिलसिला जारी है।
शायद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाना अपनी आदत में शुमार कर लिया है। इनकी सोच है कि जरा से विरोध के बाद जनता इसे स्वीकार कर लेगी।
जून 2010 में जब पेट्रोल नियंत्रण मुक्त हुआ था, तब लोगों को यह तो पता था कि पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे, लेकिन क्या पता था कि इतने बढ़ जाएंगे कि आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा।
तेल कंपनियों के मुताबिक पेट्रोल के दाम बढ़ाना इसलिए जरूरी था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम बढ़कर 128.57 लीटर प्रति बैरल से बढ़कर इसके दाम 131 लीटर प्रति बैरल हो गए हैं।
रुपये में डॉलर के मुकाबले गिरावट ने भी कंपनियों को दाम बढ़ाने पर मजबूर किया है। दो हफ्ते पहले रुपये 53.43 प्रति डॉलर था, लेकिन अब बढ़कर 54.15 तक पहुंच गया है।
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नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर पेट्रोल की कीमत का बोझ फिर से बढ़ गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर शुक्रवार रात से पेट्रोल महंगा कर दिया है। पिछले एक पखवाड़े में दूसरी बार इसके दाम बढ़े हैं। इस बार इसमें 1.40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। 16 फरवरी को भी पेट्रोल की खुदरा कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
जून 2010 में नियंत्रण मुक्त किए जाने के बाद पेट्रोल के दाम 21वीं बार बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल के दामों में 27 संशोधन किए गए हैं। 20 बार दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि आठ बार घटाए गए हैं। हाल की में जनवरी में पेट्रोल के दाम 30 पैसे घटाए गए थे। इसके बाद से दाम बढ़ाए जाने का सिलसिला जारी है।
शायद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाना अपनी आदत में शुमार कर लिया है। इनकी सोच है कि जरा से विरोध के बाद जनता इसे स्वीकार कर लेगी।
जून 2010 में जब पेट्रोल नियंत्रण मुक्त हुआ था, तब लोगों को यह तो पता था कि पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे, लेकिन क्या पता था कि इतने बढ़ जाएंगे कि आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा।
तेल कंपनियों के मुताबिक पेट्रोल के दाम बढ़ाना इसलिए जरूरी था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम बढ़कर 128.57 लीटर प्रति बैरल से बढ़कर इसके दाम 131 लीटर प्रति बैरल हो गए हैं।
रुपये में डॉलर के मुकाबले गिरावट ने भी कंपनियों को दाम बढ़ाने पर मजबूर किया है। दो हफ्ते पहले रुपये 53.43 प्रति डॉलर था, लेकिन अब बढ़कर 54.15 तक पहुंच गया है।
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नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर पेट्रोल की कीमत का बोझ फिर से बढ़ गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर शुक्रवार रात से पेट्रोल महंगा कर दिया है। पिछले एक पखवाड़े में दूसरी बार इसके दाम बढ़े हैं। इस बार इसमें 1.40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। 16 फरवरी को भी पेट्रोल की खुदरा कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
जून 2010 में नियंत्रण मुक्त किए जाने के बाद पेट्रोल के दाम 21वीं बार बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल के दामों में 27 संशोधन किए गए हैं। 20 बार दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि आठ बार घटाए गए हैं। हाल की में जनवरी में पेट्रोल के दाम 30 पैसे घटाए गए थे। इसके बाद से दाम बढ़ाए जाने का सिलसिला जारी है।
शायद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाना अपनी आदत में शुमार कर लिया है। इनकी सोच है कि जरा से विरोध के बाद जनता इसे स्वीकार कर लेगी।
जून 2010 में जब पेट्रोल नियंत्रण मुक्त हुआ था, तब लोगों को यह तो पता था कि पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे, लेकिन क्या पता था कि इतने बढ़ जाएंगे कि आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा।
तेल कंपनियों के मुताबिक पेट्रोल के दाम बढ़ाना इसलिए जरूरी था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम बढ़कर 128.57 लीटर प्रति बैरल से बढ़कर इसके दाम 131 लीटर प्रति बैरल हो गए हैं।
रुपये में डॉलर के मुकाबले गिरावट ने भी कंपनियों को दाम बढ़ाने पर मजबूर किया है। दो हफ्ते पहले रुपये 53.43 प्रति डॉलर था, लेकिन अब बढ़कर 54.15 तक पहुंच गया है।
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शताब्‍दी एक्‍सप्रेस के नाश्‍ते में नि‍कली कील, यात्री के मुंह में घुसी

कानपुर. देश की वीवीआईपी ट्रेन में मि‍लने वाली सुवि‍धाओं की गुरुवार को तब पोल खुल गई, जब शताब्‍दी एक्‍सप्रेस में एक यात्री को मि‍ले नाश्‍ते में कील नि‍कली। यात्री ने कील देखी नहीं जि‍सकी वजह से कील यात्री के मुंह में घुस गई और मुंह से खून नि‍कलने लगा। जब यात्री ने इसकी शि‍कायत खाना देने वाले कर्मचारी से की तो उसने यात्री की बात सुनी ही नहीं। बाद में यात्रि‍यों ने हंगामा कि‍या, तब जाकर कोच अटेंडेंट ने शि‍कायत पुस्‍ति‍का में यात्री की शि‍कायत दर्ज की। 
शताब्‍दी एक्‍सप्रेस के नाश्‍ते में नि‍कली कील, यात्री के मुंह में घुसी
कानपुर के जाजमऊ स्‍थि‍त सुपर टेनरी के संयुक्त निदेशक मुबासिरुल अमीन शुक्रवार को पत्नी के साथ शताब्दी एक्सप्रेस के एग्‍जीक्‍यूटि‍व कोच से दिल्ली जा रहे थे। मुबासि‍रुल अमीन ने बताया कि रास्ते में सुबह नौ बजे नाश्ते में उन्हें ऑमलेट दिया गया। उन्होंने जैसे ही ऑमलेट खाया तो मुंह में एक नोकदार वस्तु जोर से चुभी। जब उन्‍होंने उसे बाहर निकाला तो दंग रहे गए, करीब तीन इंच लंबी कील उनके हाथ में थी। कील चुभने से उनके मुंह से खून निकल आया। उन्होंने इसकी शिकायत नाश्ता देने वाले कर्मचारी से की तो उसने गलती से आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
 
नाश्‍ता देने वाले कर्मचारी की इस हरकत पर अन्य यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मि‍लने पर कोच अटेंडेंट अजीजुर्रहमान पहुंचे और शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज करा यात्रियों को शांत कराया। वहीं इस मामले में स्टेशन अधीक्षक मेवालाल ने जानकारी होने से इन्कार किया है।