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Founder Editor(Print): late Shyam Rai Bhatnagar (journalist & freedom fighter) International Editor : M. Victoria Editor : Ashok Bhatnagar *
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3 अप्रैल 2013

मुलायम को सता रहा डर, कहा- कांग्रेस भिजवा सकती है जेल

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर चौंकाने वाला बयान दिया है। मुलायम सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार उन्हें सीबीआई के जरिए जेल भिजवा सकती है। इसके साथ-साथ मुलायम सिंह ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भी तारीफ की। मुलायम पहले ही बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ कर राजनीतिक पंडितों को हैरान कर चुके हैं। अब इस समाजवादी नेता के मुख से प्रखर हिंदूवादी विचारधारा से जुड़े रहे मुखर्जी की तारीफ के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
मुलायम को सता रहा डर, कहा- कांग्रेस भिजवा सकती है जेलमुलायम सिंह यादव ने एक कार्यक्रम में कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी क्या कोई मामूली इंसान थे? मामूली नेता थे क्या? भले ही जनसंघ के थे लेकिन वो लड़ाई लड़े। आजादी के लिए लड़े। आजादी के लिए उनकी शानदार भूमिका रही। लोहिया जी की और जयप्रकाश जी की भी शानदार भूमिका रही।
एक तरफ मुलायम मुखर्जी की तारीफ कर रहे थे तो दूसरी ओर बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने चित्रकूट में यूपी राज्य कार्यसमिति की बैठक में राम मनोहर लोहिया की तारीफ की और कहा कि लोहिया जी जनसंघ की राष्ट्रवादी नीतियों के पक्ष में थे। इसपर मुलायम ने कहा कि आडवाणी जी ने लोहिया जी की तारीफ की है, तो इसमें क्या गलत है। अगर हम आडवाणी जी की तारीफ करते हैं तो लोग हल्ला मचा देते हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों एक सभा में मुलायम ने आडवाणी को देश का सबसे बड़ा और सच्चा नेता बताया था। उन्होंने आडवाणी की यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता पर अपने पुत्र अखिलेश यादव की सरकार की खिंचाई भी की थी। इसपर भी आडवाणी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी मुलायम सिंह से बात हुई थी लेकिन उन्हें ये उम्मीद नहीं थी कि मुलायम इस बात को सार्वजनिक कर देंगे।

अंबानी भाई: मिट रही है दूरी या व्यावसायिक मजबूरी


मुंबई में बहुत दिनों से अटकलें थीं कि मुकेश अंबानी अपनी दूरसंचार कंपनी की तरफ से 4जी की सेवाएं लॉन्च करने के लिए छोटे भाई की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन के देश भर में फैले फाइबर ऑप्टिक के जाल का इस्तेमाल करेंगे.  दोनों ने इस पर हुए एक समझौते की पुष्टि कर दी.
इस समझौते के अंतर्गत मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जिओ इन्फोकॉम अनिल अंबानी की कंपनी द्वारा देश भर में बिछाए गए एक लाख बीस हजार किलोमीटर ऑप्टिक फाइबर का इस्तेमाल करेगी.मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी

मिलन के संकेत

इस समझौते के अनुसार बड़े भाई छोटे भाई को 1,200 करोड़ रूपए देंगे. छोटे भाई को इस राशि की काफी ज़रूरत है क्योंकि उनकी कंपनी 37 हजार करोड़ के क़र्ज़ के बोझ में डूबी हुई है.
इस समझौते का आम तौर से स्वागत किया गया है. मुंबई के शेयर बाजार में उछाल देखने को मिला और रिलायंस के शेयर में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
आर्थिक जगत में इस समझौते को दोनों भाइयों में दोबारा मिलन की तरफ ये पहला क़दम माना जा रहा है. छोटा ही सही लेकिन ये एक महत्वपूर्ण क़दम है.
इस समझौते से ये अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों भाई पुराने गिले शिकवे भूल चुके हैं. हाल में दोनों कई समारोह में भी एक साथ देखे गए.
ये भी समझा जा रहा है कि दोनों भाई देश के आर्थिक माहौल को देखते हुए इस बात को मानते हैं कि एकजुट हो कर काम करने में अधिक फायदा है.

'एक नहीं होंगी कंपनियां'

रिलायंस
रिलायंस समूह का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला है
रिलायंस के पुराने मुलाजिम कहते हैं कि एक साथ काम करने का मतलब ये नहीं होगा कि दोनों भाइयों की कंपनियां फिर से एक हो जाएंगी. दोनों अपनी कंपनियों को बटवारे के पहले वाली स्थिति में नहीं जाने देंगे लेकिन दूरसंचार के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी साथ मिल कर काम कर सकते हैं.
साल 2005 में सात महीने तक चलने वाले आपसी झगड़े के बाद दोनों भाई अलग हो गए थे. और रिलायंस ग्रुप की कंपनियों का विभाजन कर दिया गया था. उस समय दोनों सार्वजिनक रूप से एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी किया करते थे.
अनिल अंबानी बार बार मीडिया के सामने आकर अपने बड़े भाई पर प्रहार करते थे. मुकेश अंबानी अधिकतर खामोश रहना ही पसंद करते थे. दोनों की माँ कोकिला बेन ने बीच बचाओ करने की कोशिश की थी लेकिन इस में उन्हें सफलता नहीं मिली थी.
लेकिन अब व्यावसायिक कारणों से ऐसा लगता है कि दोनों एक दूसरे से गले मिलने को तैयार हैं.
रिलायंस ग्रुप की स्थापना 53 साल पहले मुकेश और अनिल अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी ने की थी. कहा जाता है कि जब वो गुजरात में एक पेट्रोल पंप के छोटे से कर्मचारी थे तो बड़े उद्योग स्थापित करने के सपने देखा करते थे.
उनका सपना न केवल उनके जिंदा रहते ही सच हुआ बल्कि 2002 में उनकी मृत्यु के समय रिलायंस ग्रुप भारत के सबसे बड़े व्यापारिक ग्रुपों में शामिल किया जाने लगा था.

जेपीसी के सामने पेशी की मांग को मनमोहन ने ठुकराया

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2 जी घोटाले की जांच कर रही जेपीसी के समक्ष पेश होने को लेकर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की मांग को ठुकरा दिया । प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और सभी उचित दस्तावेज जेपीसी के पास उपलब्ध हैं ।जेपीसी के सामने पेशी की मांग को मनमोहन ने ठुकराया
संयुक्त संसदीय समिति ( जेपीसी ) के सदस्य सिन्हा ने दो दिन पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था जिसके जवाब में सिंह ने कहा कि समिति को आंतरिक रूप से तय करना चाहिए कि उसे पूछताछ के लिए किसे बुलाना है ।
प्रधानमंत्री ने सिन्हा को भेजे जवाबी पत्र में कहा कि क्या साक्ष्य पेश होने चाहिए और किसे जेपीसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा जाना चाहिए, ये फैसले इस तरह के मामले होते हैं, जिन्हें जेपीसी और उसके अध्यक्ष द्वारा आंतरिक रूप से तय करने की आवश्यकता है ।
सिंह ने कहा कि 2008 में हुए 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में न तो खुद उनके पास और न ही सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ है ।
उन्होंने भाजपा नेता से कहा कि उन्हें (सिन्हा को ) जानकारी है कि सभी उचित रिकार्ड और दस्तावेज जेपीसी के पास पहले से ही उपलब्ध हैं ।
प्रधानमंत्री को लिखे गये सिन्हा के पत्र से जेपीसी में आंतरिक कलह फैल गयी । समिति के अध्यक्ष पी सी चाको ने कल सिन्हा की मांग को यह कहते हुए नकार दिया कि यह एक ‘राजनीतिक स्टंट’ है ।
चाको ने कहा कि प्रधानमंत्री को सिन्हा की ओर से पत्र लिखकर सीधे तौर पर यह कहना कि वह ( मनमोहन सिंह ) जेपीसी के समक्ष पेश हों, स्थापित नियमों के खिलाफ है ।
सिन्हा ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा द्वारा जेपीसी से की गयी मांग को आगे बढाते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री को समिति के समक्ष पेश होना चाहिए । भाजपा नेता की दलील है कि राजा ने सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये हैं ।
सिन्हा की आलोचना करते हुए चाको ने कहा कि जेपीसी का कोई सदस्य प्रधानमंत्री को कैसे पत्र लिख सकता है ? इस बारे में फैसला समिति को करना होता है । सिन्हा का पत्र केवल राजनीतिक स्टंट है और यह संसदीय प्रक्रिया के नियमों के खिलाफ है । कांग्रेस नेता चाको ने कहा कि सिन्हा के पत्र की कोई प्रासंगिकता नहीं है क्योंकि किसी मंत्री को बुलाना हो या कोई अन्य फैसला, समिति ही तय करती है न कि कोई व्यक्ति ।
चाको ने कहा कि यदि समिति चाहे तो भी वह किसी मंत्री को बतौर गवाह तब तक नहीं बुला सकती, जब तक उसके बारे में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित न हो जाए । प्रस्ताव को फैसले के लिए लोकसभा अध्यक्ष को भेजा जाता है ।
प्रधानमंत्री के पेश होने की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए जेपीसी में सिन्हा और भाजपा के पांच अन्य सदस्यों ने पिछले साल कुछ समय के लिए समिति की कार्यवाही का बहिष्कार किया था । सिन्हा ने जेपीसी की बैठक दो महीने के लिए न बुलाये जाने को लेकर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की थी ।
अपनी मांग को उचित ठहराने के लिए सिन्हा ने दलील दी थी कि संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) जब 2जी घोटाले की जांच कर रही थी तो प्रधानमंत्री ने उसके समक्ष पेश होने की पेशकश की थी और उन्हें जेपीसी के समक्ष पेश होने से भी हिचकिचाना नहीं चाहिए ।

2 अप्रैल 2013

बारात की बस में करंट से 7 की मौत

32 यात्री भर्ती, कई गंभीर 


चूरू, 2 अप्रेल। सरदारशहर थाना इलाके में आज सुबह हुए एक दर्दनाक हादसे में 11 हजार केवी की हाइटेंशन लाइन से एक बस के छू जाने के कारण बस में करंट फैल गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 7 की मौत मौके पर ही मौत हो गई। 32 जने गंभीर रूप से झुलस गए, इनमें 20 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इन सभी को उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।

bus-currentबस में सवार सभी लोग एक बरात में शामिल होकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। इस घटनाक्रम की सूचना के साथ ही पूरे जिले में हड़कंप मच गया। जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित सभी आला अफसर मौके के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार बीकानेर के सातासर से बारात की बस भानीपुरा थानांतर्गत मुगलसर बड़ा गांव गई थी। वापसी में सरदारशहर थाना इलाके के लोढ़ासर गांव के पास जब यह बस गुजर रही थी, अचानक पूरे बस में तेजी से करंट दौड़ पड़ा।
जब तक बाराती माजरा समझ पाते 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से आए करंट में सात की जान ले ली और अन्य सभी बाराती झुलस गए। मौके का भयावह मंजर देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। थानाप्रभारी, वृत्ताधिकारी, एएसपी सहित सभी आला अफसर दल-बल सहित मौके पर पहुंचे और जो भी साधन मिला उसमें डालकर झुलसे बारातियों को आसपास के अस्पताल पहुंचाया। पीबीएम अस्पताल बीकानेर में गंभीर हालत में पहुंचे 20 जनों की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
बिजली करंट से 4 मरे
महानगर संवाददाता
जयपुर, 2 अप्रेल।राज्य में अलग-अलग स्थानों पर देर रात बिजली का करंट लगने से एक किशोरी सहित चार जनों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस के अनुसार नागौर जिले के नावां क्षेत्र में बबलेश (17) पुत्री नाथसिंह देर रात कपड़ों पर इस्त्री करते समय अचानक हुए शार्ट सर्किट से फैले करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई। गंभीरावस्था में उसे स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया, वहां से जयपुर एसएमएस अस्पताल भर्ती करवाया गया। जहां
उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बस्सी थाना इलाके में शिव कॉलोनी निवासी राजेश (56 ) पानी की मोटर का तार लगा रहा था। अचानक तेज झटके के साथ करंट पूरे शरीर में दौड़ गया जिससे राजेश बुरी तरह झुलस गया। बदहवास हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीकर जिले के नीमकाथाना में कैलाश (35) पुत्र हीरालाल घर में ही बिजली का बोर्ड ठीक करते समय करंट से झुलसने से मौत का शिकार हुआ।
भरतपुर के शहदपुरी निवासी महेश (25) पुत्र प्रभात छत पर कूलर लगाते समय करंट के झटके का शिकार हुआ।