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5 मार्च 2013

राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में सभी टेस्ट फ्री

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बजट पेश करने से पहले

 
जयपुर. मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत अब जुलाई 2013 से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में सभी आवश्यक जांचे फ्री होगी। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की। इसके साथ ही जयपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी। इसके अलावा 12 जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की घोषणा।

इससे पहले बजट भाषण की शुरूआत में विपक्ष के हंगामा करने पर गहलोत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि नारे लगाने से विपक्ष चुनाव नहीं जीत सकता। विपक्षी सदस्य मुख्यमंत्री पर अपने ही रिश्तेदारों को सैंड स्टोन की खाने आवंटित करने आरोप लगा रहे थे। प्रतिपक्ष नेता मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग करते रहे।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, नारे लगाने और हंगामे की परंपरा नहीं शुरू होनी चाहिए। अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों को जांच कराने का भरोसा दिया। गहलोत ने रिफाइनरी की घोषणा पर सबको बधाई दी। कन्हैया लाल की कविता पढ़कर गहलोत ने स्वयं को सबका हितैषी बताया।

सभी मेरे सखा बंधु है।

सभी से मेरी स्नेह सगाई।।

विधानसभा अध्यक्ष के विपक्षी सदस्यों को आश्वासन देने के बाद जब गहलोत ने दोबारा अभिभाषण पढ़ना शुरू किया तो विपक्षी सदस्यों ने भी उनका सहयोग किया। लिहाजा शोर और हंगामा थम गया।

चुनावी और इस कार्यकाल के अंतिम साल होने के कारण राज्य की जनता को उनसे बहुत उम्मीद है। राजनीतिज्ञों का मानना है कि यह बजट पूर्णत: चुनाव को ध्यान में रखकर पेश किया जाएगा।

बजट भाषण के दौरान राज्य की सभी 200 विधानसभा सीटों में से ज्यादातर विधायक, मंत्री विधानसभा में पहुंच चुके हैं। विधायकों, मंत्रियों का सुबह दस बजे से ही यहां पहुंचना शुरू हो गया था। विधानसभा परिसर के बाहर पुलिस का व्यापक बंदोबस्त किया गया है। बजट भाषण पढऩे से पहले मुख्यमंत्री जहां रिफाइनरी के मुद्दे पर उत्साहित हैं वहीं उन पर लगे रिश्तेदारों को खान देने के मामले में वे बैकफुट पर भी नजर आ रहे हैं।

सड़कों को लेकर हुई घोषणाएं

250 से ज्यादा की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा।

6 हजार किलोमीटर सड़कों का सुदृढ़ीकरण।

546 गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य।

विश्वबैंक की मदद से गावों को जोड़ा जाएगा।

आने वाले समय में इसकी कुल 650 करोड़

10,337 गांवों को सड़कों से जोड़ने का कार्य प्रगति पर

31,150 किमी सिंगल लेन सड़कों का कार्य प्रगति पर

श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में चिन्हित सड़कों का सुदृढ़ीकरण

बेणेश्वर धाम जाने वाली विशेष सड़क निर्माण नीति निर्माण बनाई जाएगी।

1400 गांवों को सड़कों से जोड़ा  जाएगा। जिन गांवों में सड़कें नहीं है। उन्हें भी जोड़ने की तैयारी, टोंक, नैनवां, पारन में बिछाया जाएगा सड़कों का जाल

रेलवे फाटक रहित 15 आरओबी का निर्माण कार्य प्रस्तावित

यहां बनेंगे आरओबी

अजमेर-2

पाली (सोजत)-1

फालना-1

सिरोही-1

आबू रोड-1

सीकर-3

जयपुर-3

पवन आधारित विद्युत उर्जा 1,725 मेगावाट उत्पादन की वृद्धि

मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना

मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में दवाइयों की संख्या में इजाफा

दवाइयों की संख्या की 400 से बढ़ाकर 600 की

इस दवा योजना के बजट में 46 प्रतिशत मशीनें बढ़ाई जाएंगी

सरकारी अस्पतालों में जांचे फ्री होगी

86 अस्पतालों में ईसीजी, सोनोग्राफी, एक्स-रे की जांच फ्री होगी

1 जुलाई 2013 से सभी पीएससी, सिटी डिस्पेंसरी में आवश्यकें जांचे फ्री होगी।



जयपुर में मेडिल कॉलेज की स्थापना होगी।

15 जिलों में मेडिकल कॉलेज की योजना

निशुल्क दवा योजना में दो हजार पदों की स्वीकृति

200 जननी एक्सप्रेस गाड़ियां और चलाई जाएंगी
सामूहिक विवाह को बढ़ावा

प्रत्येक बहू को 4500 से बढ़ाकर 10 हजार रूपए दिएं जाएंगे

बीस नए आईटीआई की घोषणा

200 करोड़ रूपए के अल्पसंख्यक विकास कोष की घोषणा

स्वयं सहायता समूह के लिए ऋण के अलावा दस हजार रुपए का अनुदान सरकार की ओर से

आंगनवाड़ी में बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म

4 मार्च 2013

'राजा को गिरफ्तार करो, नहीं तो आत्‍महत्या कर लूंगी'

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शहीद डीएसपी जियाउल हक के परिजन राजा भैया की गिरफ्तारी और उनकी हत्या की सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं।
हक की पत्नी परवीन आजाद ने धमकी दी है कि अगर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उन्‍हें खुद आकर मांगे माने जाने का आश्वासन नहीं देते तो वे आत्महत्या कर लेंगी।
डीएसपी के परिजनों का कहना है कि जब तक राजा भैया को गिरफ्तार नहीं किया जाता वे शव का अंतिम संस्‍कार नहीं करेंगे। हालां‌कि प्रदेश सरकार ने इस मामले में डीएसपी के गनर समेत तीन पुलिस कर्मियों को संस्पेंड कर दिया है। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर यहां राष्ट्रप‌ति शासन लगाने की मांग की है। 
डीएसपी के पैतृक गांव पहुंचा शव
शनिवार की रात प्रतापगढ़ जिले के बलीपुर गांव में मारे गए डीएसपी जिया उल हक का शव देवरिया जिले के उनके पैतृक गांव नुनखार जुआफर पहुंचा। उनका अंतिम संस्कार होना था।
हालांकि, परिजन ने शव दफनाने से मना कर दिया है। वे धरने पर बैठ गए हैं और मांग कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की आदेश दे और राजा भैया को तत्काल गिरफ्तार करे।

वहीं जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी भी आज शहीद डीएसपी जिया उल हक के देवरिया जिले के पैतृक गांव नूनखार पहुंच रहे हैं।

प्रतापगढ़ एसपी का हटाया गया 
वहीं, इस मामले में राज्य सरकार ने प्रतापगढ़ के एसपी अनिल राय को हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। देवरिया के एसपी एलआर कुमार को प्रतापगढ़ का एसपी बनाया गया है। 
प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने प्रतापगढ़ व हाथरस में नए कप्तानों की तैनाती की जानकारी देने के साथ ही कहा कि अभी कुंडा मामले में जांच के आदेश नहीं दिए गए हैं। 
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अराजकता फैलाई है, पहले उनकी गिरफ्तारी होगी। अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अरुण कुमार को इसी कार्रवाई के लिए प्रतापगढ़ भेजा गया है। 
उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद इस बात की जांच होगी कि किन परिस्थितियों में फोर्स ने सीओ का साथ छोड़ा।

गोली मारने से पहले पीटा गया था
सीओ जियाउल हक को बलीपुर गांव में गोली मारने से पहले लाठियों से पीटा गया था। चार डॉक्टरों के पैनल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो गोलियां पैर व एक गोली सीने में पाई गई।
इसके साथ ही शरीर के कई हिस्सों में चोटें पाई गईं। चोटों से साफ है कि पहले सीओ को लाठियों से पीटा, फिर गोली मारी गई।

लाठी-डंडों से पीटा, जमीन पर घसीटा, फिर मार दी गोली

dsp gunned down in upयूपी में प्रतापगढ़ ‌जिले के बलीपु‌र गांव में डीएसपी जिया उल हक को श्‍ा‌निवार की रात दबंगों ने लाठियों से पीटा, जीप से खींचकर जमीन पर घसीटा, फिर गोली मार दी। उन्हें पैरों में दो गोली मारी गई और फिर एक सीने में। 
रविवार को चार डाक्टरों के पैनल ने हक का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो गोलियां पैर व एक गोली सीने में पाई गई। शरीर के कई हिस्सों में चोट भी लगीं थीं। चोट से ‌जाहिर था कि हक को लाठियों से पीटने के बाद गोली मारी गई।
2009 में आए पुलिस सेवा में

जिया उल हक उत्‍तर प्रदेश के एक बेहद पिछड़े जिले देवरिया के नूनखार जुआफर गांव के रहने वाले थे। 21 जनवरी 2012 को मेडिकल छात्रा परवीन आजाद से उनकी शादी हुई थी। वे स‌ीवान जिले की हैं।
2009 में राजकीय पुलिस सेवा में (पीपीएस) चुने जाने के बाद जियाउल हक नौकरी के साथ ही आईएएस की तैयारी भी कर रहे थे।
पिछले साल कुंडा में नवाबगंज के अस्थान में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद वहां तैनात क्षेत्राधिकारी (सीओ) खलीकुज्जमां को हटा दिया गया था और उनकी जगह जिया उल हक को तैनात किया गया था।
सितंबर, 2012 में कुंडा के बाघराय थाना क्षेत्र के बरना बिहरिया गांव में स्कूल में आपसी विवाद में घायल छात्र की मौत के बाद फैले सांप्रदायिक तनाव को जिया उल हक ने अपनी सूझबूझ से शांत करा दिया था।
एक साल में ही छूट गया साथ 
लखनऊ के बाबू बनारसी दास मेडिकल कॉलेज से दंत चिकित्सा की पढ़ाई कर रहीं परवीन आजाद की मेंहदी एक वर्ष के अंदर ही धूल गई। 21 जनवरी 2012 को जियाउल हक के साथ उनका निकाह हुआ था। अभी वे भविष्य की ताने-बाने ही बुन रहीं थीं कि दबंगों ने उनका सुहाग उजाड़ दिया।
रविवार को जियाउल हक को चार दिन की छुट्टी लेकर पत्नी के पास जाना था। अवकाश पर जाना था। वह एक दिन पहले ही छुट्टी का आवेदन लेकर प्रतापगढ़ गए थे। वहां से छुट्टी मिलने के बाद कुंडा चले गए।

शनिवार देर रात वह लखनऊ जाते। सीओ ने पत्नी परवीन आजाद को अपने आने के सूचना भी दे रखी थी। वे पति के आने का इंतजार कर रही थी लेकिन उनके मौत की खबर आ गई।
हक ने इंटरम‌ीडिएट तक की पढ़ाई देवरियां से ही की थी। 1998 में उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक में प्रवेश लिया। 9 वर्ष तक इलाहाबाद के मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल में रहकर उन्होंने पढ़ाई और सिविल सेवा की तैयारी की थी। 2009 में उनका पुलिस सेवा के लिए चयन हुआ था।
मेरा बेटा वर्दी के लिए शहीद हो गया
जियाउल के पिता शमशुल हक (60 वर्ष) और मां पिछले काफी समय से बीमार चल रहे हैं। शमशुल हक की आंख का पिछले ही दिनों आपरेशन हुआ था तो मां का इलाज देवरिया में चल रहा है। जवान बेटे की मौत से दोनों बदहवाश हैं। 

रविवार को जब लोग उनसे मिलने पहुंचे तो उनका दर्द फूट पड़ा।

जियाउल के चचेरे भाई शाहआलम ने बताया कि चचा (जियाउल के पिता) सिर्फ यही कह रहे हैं कि उनका बेटा तो वर्दी के लिए शहीद हो गया लेकिन अगर साथी भी फर्ज निभाते तो शायद वह आज जिंदा होता।

उन्होंने कहा, 'साथ में गए साथी उसे छोड़कर भाग न निकलते और वहां मोर्चा संभालते तो शायद यह नौबत न आती। वह चार घंटा इस तरह अकेले न पड़ा रहता। उनका बेटा तो ऐसा न था। पता नहीं उसके साथ गए लोग छोड़कर क्यों भाग गए। उसने तो किसी का कुछ बिगाड़ा नहीं था जो लोगों ने उसे इस तरह मार डाला। समझ में नहीं आ रहा।

नरेंद्र मोदी के हाथ खून से रंगे हैं: वस्तावी


दारुल उलूम देवबंद के पूर्व कुलपति गुलाम मुहम्मद वस्तानवी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के हाथ खून से रंगे हैं लिहाजा वह पीएम पद के सही उम्मीदवार नहीं हैं.मुहम्मद वस्तानवी का ताजा बयान उनके पिछले बयान से ठीक उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर देश नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर चुनता है तो मुसलमानों को इससे कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
वस्तानवी ने कहा कि देश में भी एक बहुत बड़ा तबका है जो नरेंद्र मोदी को पसंद नहीं करता.
गौरतलब है कि मोदी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में जब वस्तानवी का दृष्टिकोण पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘अगर अपना मुल्क उनको प्रधानमंत्री बनाता है तो हमारी तरफ से कोई इनकार तो हो ही नहीं सकता.’
वह अहमदाबाद में गुजरात सार्वजनिक वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘सामूहिक निकाह’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे, जहां 162 मुस्लिम युगल एक दूजे के हो गए.

उत्तर प्रदेश के मंत्री राजा भैया का इस्तीफा

नई दिल्ली, 4 मार्च 2013

प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सोमवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. राजा भैया के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज है. उन पर प्रतापगढ़ में डिप्टी एसपी जिया उल हक की हत्या की साजिश रचने का आरोप है.
सोमवार सुबह राजा भैया ने सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ बातचीत करके इस्तीफा देने का निर्णय लिया. राजा भैया का इस्तीफा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंजूर भी कर लिया है. बदतर कानून व्यवस्था के कारण मायावती ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी. ऐसे में अखिलेश यादव सरकार काफी दबाव में थी.
राजा भैया के अलावा उनके चार अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मामला दर्ज है. इस तरह के कयास थे कि पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में हिंसा, हत्या और पुलिस बल पर हमलों की घटनाओं से अखिलेश यादव सरकार के लिए विधानसभा में आने वाले दिन काफी मुश्किल भरे हो सकता हैं. अब कानून व्यवस्था के मुद्दे पर आक्रामक विपक्ष विधानसभा में अखिलेश यादव सरकार को घेरेगा.
क्या है मामला 
प्रतापगढ़ जिले में बलीपुर गांव में शनिवार शाम ग्राम प्रधान और उनके भाई की हत्या की गई थी. इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था. इस हमले में डीएसपी की मौत हो गई. आठ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. पुलिस ने राजा भैया के खिलाफ केस जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद की शिकायत के बाद दर्ज किया.
आजतक के पास शिकायत की वो कॉपी है, जिसे जियाउल हक की पत्नी ने पुलिस के सामने दी है. इस चिट्ठी में साफ साफ लिखा है कि डिप्टी एसपी जियाउलहक की हत्या राजा भैया के आदमियों ने करवाई है. इतना ही नहीं चिट्ठी में ये भी लिखा गया है कि हत्या से पहले जिया उलहक के साथ मारपीट की गई, और बाद में उन्हें तमंचे से गोली मार दी गई. मृतक डिप्टी एसपी की पत्नी के मुताबिक पिछले कई दिनों से जियाउल हक को धमकिया मिल रही थी.
कौन हैं राजा भैया?
बाहुबली नेता राजा भैया के नाम से पुकारे जाने वाले कुंडा से लगातार पांचवीं बार विधायक चुने गए हैं. वे कुंडा के राज परिवार से आते हैं. अकसर विवादों में रहने वाले राजा भैया सबसे पहले 1993 में कुंडा से निर्दलीय विधायक चुने गए थे. साल 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावाती ने राजा भैया को जेल में डाल दिया था. मायावती सरकार ने राजा भैया पर आतंकवाद निरोधक कानून यानी पोटा भी लगा दिया था.
लेकिन एक साल बाद साल 2003 में यूपी में मुलायम सिंह यादव की सरकार आते ही राजा भैया पर से पोटा हटा लिया गया. राजा भैया जेल से बाहर आए और साल 2005 में मुलायम सरकार में खाद्य मंत्री बने. पिछले साल जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तो राजा भैया को जेल मंत्री के साथ खाद्य मंत्री भी बना दिया गया. इसी साल फरवरी में मंत्रिमंडल फेरबदल में राजा भैया से जेल मंत्रालय ले लिया गया पर शेष मंत्रालय उनके पास अब भी हैं.

3 मार्च 2013

यमुना की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने किया दिल्ली कूच



यमुना की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने किया दिल्ली कूच



मथुरा. यमुना प्रदूषण मुक्ति के लिए मथुरा के हजारों साधु-संत और आमजनता शुक्रवार को दिल्ली कूच कर गए। दोपहर को ऐतिहासिक विश्राम घाट पर लोगों ने प्रदूषण मुक्ति का संकल्प लिया और यमुना मइया की जयकारे के साथ आगे बढ़े। इससे दिल्ली–मथुरा हाइवे पर काफी समय तक जाम लग गया।

आंदोलनकारियों का कहना है कि यमुना में केवल नाले का पानी है। यह आचमन करने लायक भी नहीं रहा। यमुना को लाने की लड़ाई हथिनी कुंड से शुद्ध जल छोड़े जाने तक लड़ी जाएगी। संत रमेश बाबा ने बताया कि उन्होंने सोनिया गांधी से जल संसाधन मंत्री हरीश रावत तक से शिकायत कर ली, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आश्वासन से देश ठगा गया है। अब हमलोगों की अंतिम लड़ाई है।

इस यात्रा की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, कि शुक्रवार को तीन घंटे तक सभी मंदिरों के पट बंद रहे। ताकि लोग पूरी तरह से दिल्ली कूच कर सकें। अधिवक्ताओं ने एक दिन काम बंद रखा और छात्र-छात्राएं स्कूल कॉलेज स्कूल-कॉलेज नहीं गए। दुकानदार प्रतिष्ठान बंद करके पैदल मार्च का समर्थन कर रहे हैं। सबकी तमन्ना दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार को हिलाने के लिए हिलोरें मार रही है। यमुना प्रदूषण मुक्ति की मशाल अब आमजन ने थाम ली है।

2 मार्च 2013

सात साल की बच्ची से रेप का मामला : एनएमसीडी ने दिए जांच के आदेश


नई दिल्ली. राजधानी के मंगोलपुरी में सात साल की बच्ची से रेप के मामले में उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने जांच के आदेश दे दिए हैं। निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष महेंद्र नागपाल ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि बताया कि इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस मामले में स्कूल का टीचर या स्टाफ जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हंगामे के बाद मामला दर्ज करने के मामले में दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर तेजेंदर लूथरा ने कहा कि बच्ची के परिजन शुक्रवार को थाने में शिकायत लेकर आए थे। पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
फिर आई सीसीटीवी और गार्ड की याद
वारदात के बाद एनएमसीडी को एक बार फिर सीसीटीवी कैमरे और निजी सुरक्षा गार्ड रखने की याद आई है। नागपाल ने शुक्रवार को कहा कि निगम अपने सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाएगी और दरवाजे पर निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे।
निगम में विपक्ष के नेता मुकेश गोयल ने कहा कि सत्ता में बैठी भाजपा स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है। यह मामला स्थाई समिति में भी आ चुका है और पारित किया जा चुका है लेकिन बार-बार खर्चों का हवाला देकर बस हवा हवाई बातें होती हैं।
मुख्यमंत्री ने घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया 
दिल्ली सरकार ने घटना के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम को दोषी बताया है। सरकार के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि निगम द्वारा स्कूल परिसर की सुरक्षा व निगरानी का अभाव इस घटना का कारण हो सकता है।
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस घटना पर गहरा दुख व चिंता जाते हुए इसे अमानवीय व शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना चौंकाने वाली है। उन्होंने कहा कि निगम को अपने सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की सरकार ने नगर निगम से कहा है कि वह अभिभावकों में सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने के लिए अपने प्राइमरी स्कूलों में सुरक्षा स्थिति का तत्काल जायजा ले। शिक्षा मंत्री किरण वालिया ने भी इस मामले में निगम की मेयर मीरा अग्रवाल से बातचीत की।

फिसली शिंदे की जुबान, लिया भंडारा दुष्कर्म पीडि़ता का नाम, खेद जताया

नई दिल्ली।
 
संसद में फिसली शिंदे की जुबान, लिया भंडारा दुष्कर्म पीडि़ता का नाम, खेद जताया केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को फिर एक बड़ी गलती कर दी। शिंदे ने राज्यसभा में महाराष्ट्र के भंडारा रेप केस पर बयान देते हुए तीनों नाबालिग पीड़िताओं का नाम ले लिया। इस पर नेता विपक्ष अरुण जेटली ने आपत्ति जताई और विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। इसके बाद राज्यसभा उपसभापति ने इसे कार्रवाई से हटा दिया।
वहीं भाजपा नेता अरुण जेटली की जासूसी में खुद पार्टी के नेता फंसते नजर आ रहे हैं। अनुराग सिंह नाम के जिस जासूस को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसके संबंध भाजपा नेता सुधांशु मित्‍तल से भी हैं। खुद, सुधांशु मित्‍तल ने भी इस बात को माना है कि वह अनुराग को लंबे वक्‍त से जानते हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी अनुराग सिंह के कई नेताओं के साथ भी करीबी संबंध रहे हैं। सुधांशु मित्तल पर वर्ष 1991, 1996 और 1998 के चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का भी आरोप लग चुका है। सुधांशु मित्तल का अरुण जेटली से रिश्ता अच्छा नहीं रहा है।
 
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को बीजेपी की एक बैठक में अरुण जेटली ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जब एक कारोबारी और बीजेपी के नेता का नाम (इशारा सुधांशु मित्तल की तरफ समझा जा रहा है) आ रहा है तो पार्टी के कुछ नेता उसकी तरफदारी में क्यों जुटे हुए हैं। 
 
शुक्रवार को यह मुद्दा राज्यसभा में भी गूंजा। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपने बयान में कहा, 'इस मामले में फोन टेपिंग नहीं बल्कि कॉल रिकॉर्ड हासिल किए गए थे। पांच मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड निकाले गए थे। हमने एयरटेल अधिकारियों से जवाब मांगा है। अरविंद डबास ने एसीपी के ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कॉल रिकॉर्ड हासिल करने के लिए किया था। यह बात भी पता चली है कि अरविंद डबास 1500 रुपये में नीरज को कॉल डिटेल देता था।' 
 
लेकिन गृह मंत्री के बयान से सदन के कई नेता असंतुष्ट रहे। बीजेपी नेता वैंकेया नायडू ने आरोप लगाया कि सरकार जासूसी केस को हल्के में ले रही है। नायडू ने पूछा कि सरकार क्या छिपा रही है? बीजेपी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि क्या जासूसी एजेंसी ने सरकार से इजाजत ली थी? क्या कोई सरकारी एजेंसी भी जासूसी में शामिल थी? रविशंकर प्रसाद ने यह भी पूछा कि प्राइवेट व्यक्तियों के हाथों में टेप रिकॉर्ड करने वाले यंत्र कैसे गए? बीजेपी के अलावा सपा नेता रामगोपाल ने कहा, 'गृहमंत्री का बयान आधा अधूरा है। किनकी कॉल डिटेल मांगी गई थी, गृहमंत्री ने उनका नाम नहीं बताया। गृह मंत्री जी आपने कोई नहीं जानकारी नहीं दी। आपसे ज्यादा जानकारी तो मीडिया से मिल रही है। फोन टेपिंग के लिए राज्यसभा के सभापति की अनुमति होनी चाहिए। दोनों सदनों के करीब सौ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, जिनके फोन कॉल डिटेल हासिल किए गए हैं या फोन टेप किए गए हैं।' सपा नेता रामगोपाल ने गृहमंत्री से यह भी जवाब मांगा कि एक कांस्टेबल को राजनीतिक नेता के कॉल डिटेल की जरूरत क्यों होगी? इसके घटना के पीछे कौन है? सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने भी दावा किया कि उनका फोन कॉल भी टेप किया जा रहा है। 
 
सुशील कुमार शिंदे ने राज्यसभा में नेताओं के सवालों की बौछार के बाद जवाब देते हुए कहा, 'भारत सरकार किसी भी सांसद को फोन टेप नहीं कर रही है। सरकार ने किसी भी नेता के फोन कॉल के रिकॉर्डिंग की मांग नहीं की थी। सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्डिंग) के बारे में कोई कानून नहीं है। इस मामले में अभी तक सिर्फ शुरुआती जांच हुई है।' गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि जिनका कॉल डिटेल निकालवाने की कोशश की गई थी वह ( अरुण जेटली) आसान आदमी नहीं है। जब सांसदों ने गृहमंत्री की 'आसान आदमी' की टिप्पणी पर चुटकी ली तो उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'मेरा आसान आदमी कहने के पीछे आशय साधारण आदमी से था।' इस दौरान सदन में विपक्ष के नेता अरुण जेटली मुस्कराते हुए नजर आए।

मोदी के मरीद हुए राजनाथ, कहा-बीजेपी के सबसे सफल मुख्यमंत्री

नई दिल्ली।। राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी छाए हुए हैं। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी पार्टी के फायरब्रैंड नेता मोदी के मुरीद हो गए हैं। उन्होंने 4,000 कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में मोदी को माला पहनाकर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने का इशारा कर दिया। इसके पहले शुक्रवार को जिस तरह राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मोदी के जयकारे लगे उससे यह और साफ हो गया है कि 2014 में सत्ता की प्राप्ति के लिए पार्टी मोदी को तुरुप का पत्ता मान रही है।
narendra-modi
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की 3 दिवसीय बैठक के दूसरे दिन शनिवार को भी नरेंद्र मोदी छाए रहे। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने गुजरात में शानदार हैट-ट्रिक लगाई है। मोदी देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। इंटरनैशनल लेवल पर गुजरात के विकास मॉडल की प्रशंसा हुई है। अमेरिका, यूरोप सहित पूरी दुनिया आज मोदी के काम की कायल है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से खडे़ होकर मोदी के लिए तालियां बजाकर स्वागत करने का आग्रह किया।

इसके पहले भले ही मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाने पर अभी बीजेपी ने भले ही कोई फैसला न लिया हो, लेकिन दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष विजय गोयल को लगने लगा है कि जैसे मोदी ही पीएम हों। बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ही दिल्‍ली बीजेपी अध्‍यक्ष विजय गोयल ने कहा कि देश का बच्चा-बच्चा चाहता है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हों। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी कहा कि देश के विकास के लिए अब मोदी मॉडल को अपनाने की जरूरत है। इसके पहले उत्तराखंड के ही एक और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भी शुक्रवार को मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाने की मांग कर चुके हैं।

केंद्र सरकार को निशाने पर लिया
राजनाथ ने अपने भाषण में मोदी की तो प्रशंसा की ही, साथ ही केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। राजनाथ ने कहा महाकुंभ में सरकार की बदइंतजामी के चलते इस पवित्र अवसर पर कई लोगों की मौत हो गई। हैदराबाद में भी सरकार की लापरवाही की वजह से कई लोगों की जानें गईं। ये सरकार हर मोर्चे पर विफल है। महंगाई, सुरक्षा और कूटनीतिक स्तर पर यूपीए सरकार फेल रही है। आतंकवाद पर सरकार का रवैया लचर है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में घुसने से रोकने में सरकार नाकाम है।

गडकरी का बचाव किया
राजनाथ सिंह ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी का बचाव करते हुए कहा कि उनपर गलत आरोप लगाए गए है। पूरी पार्टी नितिन गडकरी के साथ है।

मार्च के अंत में मोदी को बड़ी जिम्मेदारी?
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हर तरफ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की धूम है, लेकिन इस बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजनीति में उनकी बड़ी भूमिका को लेकर कोई घोषणा नहीं होने वाली है। मोदी को लेकर कोई भी फैसला मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही होने की उम्मीद है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि 11 मार्च को संभवत: नए अध्यक्ष राजनाथ सिंह अपनी नई टीम घोषित करेंगे। इसके बाद ही मोदी को लेकर तस्वीर साफ होगी। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिध सभा की बैठक इस महीने 11 से 13 तारीख तक जयपुर में होनी है। उसी के बाद फैसला होगा।
नई दिल्ली। राजनाथ सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी भाजपा के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। हमारे सभी मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं। मोदी की हैट्रिक से हम बहुत खुश हैं। अमेरिका हो चाहे यूरोप सबने मोदी की तारीफ की है। राजनाथ सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं को खड़े होकर मोदी का स्वागत करने को कहा। राजनाथ सिंह ने माला पहना कर मोदी का स्वागत किया। चुनौती कितनी भी बड़ी हम जीतेंगे। इस उत्साह के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि व्यवस्था ठीक नहीं होने से कुंभ हादसा हुआ। हैदराबाद ब्लास्ट के जरिए दुख जाहिर करते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। केंद्र सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए बांग्लादेश की घुसपैठ को देश के लिए खतरा बताया।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तीन दिवसीय बैठक का शनिवार को दूसरा दिन है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में मोदी और शिवराज सिंह चौहान को संसदीय बोर्ड में शामिल करने का ऐलान हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह उनकी पीएम पद की उम्मीदवारी की तरफ एक बड़ा कदम होगा। कल पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा था कि यदि बीसवीं सदी भारत में कांग्रेस की थी तो इक्कीसवीं सदी देश में भाजपा की होगी।
आज से पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में आर्थिक और राजनीतिक मुद्दे तय करने के साथ ही इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी रणनीति तय की जाएगी। इस बैठक में यह भी तय किया जाना है कि भाजपा कैसे आर्थिक एवं सुरक्षा के मोर्चे पर संप्रग सरकार की विफलता को लोगों के सामने पेश कर उसको चुनौती देगी।
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि पार्टी पीएम पद के लिए किसी भी नाम की घोषणा वक्त आने पर करेगी। उन्होंने बताया कि भाजपा की कार्यकारिणी में भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाने का फैसला किया गया है। आम चुनाव में पार्टी सुशासन संकल्प, बीजेपी विकल्प के नए नारे के साथ उतरेगी। बैठक के पहले दिन पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह नरेंद्र मोदी को गुजरात में हैट्रिक लगाने पर बधाई दी। उन्होंने सभी से आपसी मतभेद भुलाकर मिशन 2014 की तरफ आगे बढ़ने की अपील की है।
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नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर पेट्रोल की कीमत का बोझ फिर से बढ़ गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर शुक्रवार रात से पेट्रोल महंगा कर दिया है। पिछले एक पखवाड़े में दूसरी बार इसके दाम बढ़े हैं। इस बार इसमें 1.40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। 16 फरवरी को भी पेट्रोल की खुदरा कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
जून 2010 में नियंत्रण मुक्त किए जाने के बाद पेट्रोल के दाम 21वीं बार बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल के दामों में 27 संशोधन किए गए हैं। 20 बार दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि आठ बार घटाए गए हैं। हाल की में जनवरी में पेट्रोल के दाम 30 पैसे घटाए गए थे। इसके बाद से दाम बढ़ाए जाने का सिलसिला जारी है।
शायद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाना अपनी आदत में शुमार कर लिया है। इनकी सोच है कि जरा से विरोध के बाद जनता इसे स्वीकार कर लेगी।
जून 2010 में जब पेट्रोल नियंत्रण मुक्त हुआ था, तब लोगों को यह तो पता था कि पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे, लेकिन क्या पता था कि इतने बढ़ जाएंगे कि आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा।
तेल कंपनियों के मुताबिक पेट्रोल के दाम बढ़ाना इसलिए जरूरी था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम बढ़कर 128.57 लीटर प्रति बैरल से बढ़कर इसके दाम 131 लीटर प्रति बैरल हो गए हैं।
रुपये में डॉलर के मुकाबले गिरावट ने भी कंपनियों को दाम बढ़ाने पर मजबूर किया है। दो हफ्ते पहले रुपये 53.43 प्रति डॉलर था, लेकिन अब बढ़कर 54.15 तक पहुंच गया है।
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नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर पेट्रोल की कीमत का बोझ फिर से बढ़ गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर शुक्रवार रात से पेट्रोल महंगा कर दिया है। पिछले एक पखवाड़े में दूसरी बार इसके दाम बढ़े हैं। इस बार इसमें 1.40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। 16 फरवरी को भी पेट्रोल की खुदरा कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
जून 2010 में नियंत्रण मुक्त किए जाने के बाद पेट्रोल के दाम 21वीं बार बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल के दामों में 27 संशोधन किए गए हैं। 20 बार दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि आठ बार घटाए गए हैं। हाल की में जनवरी में पेट्रोल के दाम 30 पैसे घटाए गए थे। इसके बाद से दाम बढ़ाए जाने का सिलसिला जारी है।
शायद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाना अपनी आदत में शुमार कर लिया है। इनकी सोच है कि जरा से विरोध के बाद जनता इसे स्वीकार कर लेगी।
जून 2010 में जब पेट्रोल नियंत्रण मुक्त हुआ था, तब लोगों को यह तो पता था कि पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे, लेकिन क्या पता था कि इतने बढ़ जाएंगे कि आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा।
तेल कंपनियों के मुताबिक पेट्रोल के दाम बढ़ाना इसलिए जरूरी था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम बढ़कर 128.57 लीटर प्रति बैरल से बढ़कर इसके दाम 131 लीटर प्रति बैरल हो गए हैं।
रुपये में डॉलर के मुकाबले गिरावट ने भी कंपनियों को दाम बढ़ाने पर मजबूर किया है। दो हफ्ते पहले रुपये 53.43 प्रति डॉलर था, लेकिन अब बढ़कर 54.15 तक पहुंच गया है।
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नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर पेट्रोल की कीमत का बोझ फिर से बढ़ गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर शुक्रवार रात से पेट्रोल महंगा कर दिया है। पिछले एक पखवाड़े में दूसरी बार इसके दाम बढ़े हैं। इस बार इसमें 1.40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। 16 फरवरी को भी पेट्रोल की खुदरा कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
जून 2010 में नियंत्रण मुक्त किए जाने के बाद पेट्रोल के दाम 21वीं बार बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल के दामों में 27 संशोधन किए गए हैं। 20 बार दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि आठ बार घटाए गए हैं। हाल की में जनवरी में पेट्रोल के दाम 30 पैसे घटाए गए थे। इसके बाद से दाम बढ़ाए जाने का सिलसिला जारी है।
शायद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाना अपनी आदत में शुमार कर लिया है। इनकी सोच है कि जरा से विरोध के बाद जनता इसे स्वीकार कर लेगी।
जून 2010 में जब पेट्रोल नियंत्रण मुक्त हुआ था, तब लोगों को यह तो पता था कि पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे, लेकिन क्या पता था कि इतने बढ़ जाएंगे कि आम आदमी का जीना दूभर हो जाएगा।
तेल कंपनियों के मुताबिक पेट्रोल के दाम बढ़ाना इसलिए जरूरी था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम बढ़कर 128.57 लीटर प्रति बैरल से बढ़कर इसके दाम 131 लीटर प्रति बैरल हो गए हैं।
रुपये में डॉलर के मुकाबले गिरावट ने भी कंपनियों को दाम बढ़ाने पर मजबूर किया है। दो हफ्ते पहले रुपये 53.43 प्रति डॉलर था, लेकिन अब बढ़कर 54.15 तक पहुंच गया है।
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शताब्‍दी एक्‍सप्रेस के नाश्‍ते में नि‍कली कील, यात्री के मुंह में घुसी

कानपुर. देश की वीवीआईपी ट्रेन में मि‍लने वाली सुवि‍धाओं की गुरुवार को तब पोल खुल गई, जब शताब्‍दी एक्‍सप्रेस में एक यात्री को मि‍ले नाश्‍ते में कील नि‍कली। यात्री ने कील देखी नहीं जि‍सकी वजह से कील यात्री के मुंह में घुस गई और मुंह से खून नि‍कलने लगा। जब यात्री ने इसकी शि‍कायत खाना देने वाले कर्मचारी से की तो उसने यात्री की बात सुनी ही नहीं। बाद में यात्रि‍यों ने हंगामा कि‍या, तब जाकर कोच अटेंडेंट ने शि‍कायत पुस्‍ति‍का में यात्री की शि‍कायत दर्ज की। 
शताब्‍दी एक्‍सप्रेस के नाश्‍ते में नि‍कली कील, यात्री के मुंह में घुसी
कानपुर के जाजमऊ स्‍थि‍त सुपर टेनरी के संयुक्त निदेशक मुबासिरुल अमीन शुक्रवार को पत्नी के साथ शताब्दी एक्सप्रेस के एग्‍जीक्‍यूटि‍व कोच से दिल्ली जा रहे थे। मुबासि‍रुल अमीन ने बताया कि रास्ते में सुबह नौ बजे नाश्ते में उन्हें ऑमलेट दिया गया। उन्होंने जैसे ही ऑमलेट खाया तो मुंह में एक नोकदार वस्तु जोर से चुभी। जब उन्‍होंने उसे बाहर निकाला तो दंग रहे गए, करीब तीन इंच लंबी कील उनके हाथ में थी। कील चुभने से उनके मुंह से खून निकल आया। उन्होंने इसकी शिकायत नाश्ता देने वाले कर्मचारी से की तो उसने गलती से आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
 
नाश्‍ता देने वाले कर्मचारी की इस हरकत पर अन्य यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मि‍लने पर कोच अटेंडेंट अजीजुर्रहमान पहुंचे और शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज करा यात्रियों को शांत कराया। वहीं इस मामले में स्टेशन अधीक्षक मेवालाल ने जानकारी होने से इन्कार किया है।

सलमान रुश्दी के खून का प्यासा 'अलकायदा', हत्या करने वाले को मिलेंगे 20 करोड़


लंदन. भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक सलमान रुश्दी आतंकवादी संगठन अल-कायदा की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल हैं। उसने उन्हें जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 20 करोड़ रुपये का ईनाम रखा है। 
 
सलमान रुश्दी के खून का प्यासा 'अलकायदा', हत्या करने वाले को मिलेंगे 20 करोड़अल-कायदा ने अपनी ऑनलाइन अंग्रेजी पत्रिका 'इन्सपायर' के नए अंक में इस्लाम धर्म की निंदा करने वाले लोगों की सूची जारी की है। उसने उन्हें अपराधी की श्रेणी में रखा है। 
 
रुश्दी के खिलाफ ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला खोमीनी ने 1989 में उनकी किताब 'सेटेनिक वर्सेज' के लिए फतवा जारी किया था। ईरान स्थित खोर्दान फाउंडेशन ने रुश्दी की हत्या के लिए  पूर्व में घोषित चार करोड़ रुपए के ईनाम को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए के करीब कर दिया है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा-यूजर चार्ज हटे बिना नहीं जीत सकते चुनाव


जयपुर.कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान को शहर कांग्रेस के नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है सरकार ने यूजर चार्ज नहीं हटाया तो पार्टी शहर में चुनाव नहीं जीत पाएगी। शहर में सफाई नहीं होने से जनता में गहरी नाराजगी है। शिक्षा मंत्री बृजकिशोर शर्मा और विधायक प्रतापसिंह खाचरियावास समेत अधिकतर नेताओं ने एक स्वर में आपत्ति जताई कि उनसे बिना पूछे ही यूजर चार्ज थोपा गया। इसे तुरंत वापस लिया जाए, वरना स्थिति बिगड़ेगी। 
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जयपुर संभाग की फीडबैक बैठक में सांसद महेश जोशी नहीं आए। उनका नाम लिए बिना बैठक में कई नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष से कहा कि पार्टी को एक व्यक्ति ने जेबी संस्था बना रखी है। डीसीसी जाने पर दफ्तर बंद मिलता है। एक प्रमुख नेता के घर से ही डीसीसी चल रही है। कांग्रेस के दो नेताओं ने तो यहां तक कहा कि विधानसभा में प्रताप सिंह खाचरियावास ने यूजर चार्ज का जो मुद्दा उठाया, कायदे से उसे शहर कांग्रेस संगठन को उठाना चाहिए था। 
डॉ. चन्द्रभान ने सवेरे 11 से रात 8 बजे तक जयपुर शहर व देहात, अलवर, सीकर, झुंझुनूं और दौसा से आए कांग्रेसियों की अलग-अलग बैठक ली। वहां पार्टी की गतिविधियों, ग्राम पंचायत और वार्ड कमेटियों के गठन, सदस्यता अभियान, जनसंपर्क अभियान, राजनैतिक सम्मेलनों और पार्टी के छ: माह के कार्यक्रमों पर चर्चा की। 
ये नहीं आए : 
जयपुर शहर की फीडबैक बैठक में कांग्रेस प्रत्याशी रहे विक्रम सिंह शेखावत, सुरेश मिश्रा, माहिर आजाद और अश्कअली टाक नहीं थे। इसमें 16 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों में से केवल 9 ही आए। 
ये नेता आए बैठक में : 
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सलीम कागजी, प्रताप सिंह खाचरियावास, गंगादेवी, बृजकिशोर शर्मा। 
 
 रूठे हुओं को मनाओ
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा में वसुंधरा राजे के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद वहां प्रोग्राम ठीक चल रहे हैं। कांग्रेस को भी ऐसे प्रोग्राम करवाने चाहिए। इस पर डॉ. चंद्रभान बोले कि कांग्रेस को उनकी तरह क्या-क्या करना चाहिए, जवाब में कार्यकर्ता बोले कि आपको भी रूठे हुए कांग्रेस नेताओं को मनाने उनके घर जाना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष राजे ये अच्छा काम कर रही हैं। इस पर चंद्रभान बोले कि अपने तो सभी मने हुए हैं। इस पर कार्यकर्ता बोले कि अपने यहां भी रूठे हुओं की कमी नहीं है। 
मंत्री जी आपको किसने रोका है
शिक्षा मंत्री बृजकिशोर शर्मा ने कहा कि आपस में गुटबाजी खत्म होनी चाहिए, फूट नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस को समय पर विधानसभा के प्रत्याशी घोषित करने चाहिए। इस पर चंद्रभान बोले कि आप तो मंत्री हो, ये सब आप करो न, आपको किसने रोका है। 
सुनवाई नहीं होती 
कांग्रेस के कुछ ब्लॉक अध्यक्षों ने जब प्रदेशाध्यक्ष से कहा कि सरकार में उनकी सुनवाई ही नहीं होती, क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, अफसर बात नहीं सुनते ऐसे में किस मुंह से वे लोगों से वोट मांगने जाएंगे। इस पर डॉ. चंद्रभान ने कहा कि सरकार के खिलाफ कोई ऐसी बात नहीं करेगा। 
हर बूथ पर दस सदस्य 
 
डॉ. चन्द्रभान ने कहा है कि पार्टी दो माह में बूथ कांग्रेस कमेटियों का पुनर्गठन कर प्रत्येक बूथ पर दस-दस सदस्यों की टीम तैयार करेगी। 31 मार्च तक ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी एवं वार्ड कांग्रेस कमेटी के गठन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बूथ कमेटियों के पुनर्गठन का काम 30 अप्रैल  तक पूरा किया जाना है।
 
राष्ट्रीय महासचिव आज करेंगे समीक्षा
प्रदेश कांग्रेस की फ्लैगशिप प्रोग्राम मॉनिटरिंग कमेटी के जिलाध्यक्षों एवं ब्लॉक अध्यक्षों की शनिवार को मुख्यालय में बैठक होगी। इसमें केंद्र एवं राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा होगी। प्रवक्ता डॉ. अर्चना शर्मा ने बताया कि इसमें राष्ट्रीय महासचिव, सांसद एवं फ्लैगशिप प्रोग्राम मॉनिटरिंग कमेटी के राष्ट्रीय प्रभारी विलास मुत्तेमवार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा प्रदेश फ्लैगशिप प्रोग्राम मॉनिटरिंग कमेटी के संयोजक व सांसद अश्कअली टाक संबोधित करेंगे।
चुनावी फीडबैक लेने राहुल आएंगे
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का लोकसभा और विधानसभा चुनाव का फीडबैक लेने के लिए जयपुर का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं। यहां कांग्रेस के जिलाध्यक्षों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों से मिलने की संभावना है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक ने शुक्रवार को प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान से इस बारे में बात की है। 
विधानसभा का बजट सत्र चलने की वजह से डॉ. चंद्रभान ने वासनिक को मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह में राहुल गांधी का दौरा करवाने का सुझाव दिया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे की बजट सत्र के बाद शुरू होने वाली चुनावी यात्रा को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी का यह दौरा होना बताया जा रहा है। हालांकि डॉ. चंद्रभान ने उन्होंने इस तरह के कार्यक्रम की कोई तिथि तय होने से इंकार किया है।

जान देकर बताई कितनी कारगर दवा, अब मुआवजा तक नहीं


जयपुर.एसएमएस मेडिकल कॉलेज में दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल के दौरान हर साल चार-पांच मौतें हो रही हैं। एथिक्स कमेटी के सदस्य इस बात की पुष्टि करते हैं। उनके मुताबिक 8 साल में किसी को भी आर्थिक सहायता मिलने का रिकॉर्ड नहीं है।
 
ड्रग कंपनियां किसी दवा को बाजार में उतारने से पहले डॉक्टरों के जरिए इन्हीं मरीजों पर ड्रग ट्रायल करके दवाओं के सही-गलत प्रभावों का पता लगाती हैं। ट्रायल के दौरान ऐसे मरीजों को कई बार दवाओं के गलत प्रभावों की कीमत चुकानी पड़ती है तो कई की मौत भी हो जाती है। इस बारे में ट्रायल कर रहे डॉक्टर मरीज की मौत की सूचना तो एथिक्स कमेटी को दे देते हैं, लेकिन उनकी ओर से हर बार मौत के कारण ट्रायल के बजाय दूसरे ही रहे हैं।
 
ड्रग ट्रायल पर निगरानी के लिए बनाई गई ड्रग सेफ्टी कमेटी ने ऐसे मरीजों की मौत के कारण खंगालने शुरू किए हैं। शुरुआती चरण में ही कमेटी की ओर से एसएमएस मेडिकल कॉलेज के बर्न एवं प्लास्टिक यूनिट के एक डॉक्टर के ट्रायल के दौरान हुई पांच मौतों के कारण खंगाले। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ट्रायल पर रोक लगा दी गई। फिलहाल कमेटी के पास करीब 10 से ज्यादा मरीजों की मौत के मामले विचाराधीन है। 
 
कमेटी के सदस्यों सहित एथिक्स कमेटी के कुछ सदस्यों ने ड्रग ट्रायल के दौरान बढ़ रही मौतों और इसको लेकर देशभर में उठ रही आवाजों के बाद ट्रायल के दौरान मरीज की मौत पर ‘नॉ फॉल्ट कंपनसेशन’ (मौत का कारण जो भी हो, मरीज को सहायता मिले) देने का मुद्दा भी उठाया है। हालांकि इस पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज में सहमति नहीं बन पा रही।
 
 
दो मामलों में सहायता राशि देने को लिखा
 
पिछले दिनों एथिक्स कमेटी की ओर से केवल दो मरीजों की मौत के बारे में बतौर सहायता राशि देने के लिए कंपनी को लिखा है। लेकिन वह राशि भी उस मरीज के परिजनों को मिली या नहीं, इस बारे में भी एथिक्स कमेटी को कोई सूचना नहीं है। कमेटी सदस्यों के मुताबिक उनका काम केवल संबंधित कंपनी को प्रपोज करना है, हर्जाना देने का काम संबंधित कंपनी की ओर से चयनित इंश्योरेंस कंपनी का होता है। 
 
1 डॉक्टर 5 ट्रायल : विरोध हुआ, सुधार नहीं 
 
मेडिकल कॉलेज के टीचर्स पढ़ाने, अस्पताल में मरीजों को देखने और दूसरे कई कार्यो में व्यस्तता के बावजूद क्लीनिकल ट्रायल में पीछे नहीं रहते। एथिक्स कमेटी की ओर से एक ही डॉक्टर को एक साथ पांच क्लीनिकल ट्रायल करने की अनुमति दे दी जाती है। इस बात को लेकर एथिक्स कमेटी के कुछ सदस्यों ने ही बैठकों में मामला उठाया कि इस संख्या को कम किया जाए, ताकि दवाइयों का ट्रायल भी ठीक हो और डॉक्टर इस दौरान दूसरे कार्यो में भी बराबर फोकस कर सके।  
 
मिलना चाहिए हक 
 
ट्रायल में शामिल सभी मरीजों को भी मिले मुआवजा। ट्रायल संबंधी ड्रग की वजह से हुई डेथ का पूरा मुआवजा हो, अन्य को नो फॉल्ट कंपनसेशन दिया जाए। इस कंपनसेशन ने लिए एकाध सप्ताह की निश्चित समयावधि तय हो, ताकि संबंधित परिजनों की भागदौड़ कम हो। मुआवजा देने की जिम्मेदारी और प्रक्रिया संबंधित ड्रग कंपनी की हो, अभी इंश्योरेंस कंपनी की होती है, जिससे मुआवजा लेने में भारी परेशानी। 
 
(डॉक्टरों सहित एथिक्स कमेटी के कुछ सदस्यों से बातचीत के मुताबिक) 
 
कमेटी को तो मिलती है फीस
 
क्लीनिकल ट्रायल के लिए संबंधित कंपनी की ओर से दी जाने वाली रकम में से एथिक्स कमेटी को कुछ प्रतिशत राशि जमा करानी होती है। एसएमएस कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुभाष नेपालिया के मुताबिक ‘यह बतौर कमेटी की फीस ली जाती है। यह एसओपी (स्टेंडिंग ऑपरेटिंग प्रोसीजर) सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक तय किए जाते हैं, जो कि संस्थान के चार्जेज होते हैं।’ हालांकि जिन मरीजों को केन्द्र में रखकर दवाओं के प्रयोग किए जा रहे हैं, उनको कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही।
 
क्या है गाइडलाइन
 
गाइडलाइन के मुताबिक डॉक्टर की ओर से क्लीनिकल ट्रायल से पहले पेशेंट को जानकारी देकर उसकी स्वीकृति लेना जरूरी है। ट्रायल के दौरान पूरा इलाज, दवाइयां, मेडिकली जांच मुफ्त करनी होती है। साथ ही आने-जाने के लिए कन्वेंस भी देना होता है। यदि क्लिनीकल ट्रायल के दौरान मरीज की मौत होती है तो उसकी पारिवारिक स्थिति, उसके आश्रितों आदि को देखते हुए हर्जाना (इंश्योरेंस कंपनी) भी दिया जाता है।
 
जिम्मेदार ने कहा
 
एसएमएस मेडिकल कॉलेज में क्लीनिकल ट्रायल के दौरान सालाना 4-5 मौतें होती हैं। 2005 से अब तक करीब 35 हो गई। हमने दो केसेज में सहायता राशि देने के लिए कंपनी को प्रपोज किया है। प्रोसिजर में होगा। एथिक्स कमेटी की मीटिंग में इस बारे में पता करेंगे। 2005 से चल रहा है ट्रायल। मैं तो दो साल से हूं। मेरे समय में तो ये आए। ज्यादातर मौत के कारण दूसरे हो जाते हैं। मरीज क्लीनिकल ट्रायल के दौरान दवा से ही थोड़े मरे होंगे?
 
-डॉ. आरके सुरेखा एथिक्स कमेटी के सचिव

जयपुर बनेगा देश का पहला वाई-फाई शहर


जयपुर.राज्य सरकार की ओर से आगामी बजट में जयपुर को वाई-फाई सिटी बनाने की घोषणा हो सकती है। योजना के लिए लगभग 10 करोड़ बजट का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके तहत पूरे शहर में लोगों को वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे लोग मुफ्त में इंटरनेट सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। 
 
वाई-फाई नेटवर्क के लिए 300 से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट बिल्डिंग्स पर ‘वाई-फाई हॉट स्पॉट’ बनाए जाएंगे, जिससे शहर का लगभग हर क्षेत्र वाई-फाई एनेबल हो जाएगा। सुविधा का लाभ वाई-फाई एनेबल्ड लैपटॉप, मोबाइल और अन्य उपकरणों पर लिया जा सकेगा। यूजर को 2 एमबीपीएस प्रति यूजर के हिसाब से स्पीड मिलेगी। जिससे बेहतर स्पीड से वीडियो देखे जा सकेंगे, डाउनलोडिंग, ईमेल और इंटरनेट सर्फिग की जा सकेगी। इसका खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी।
 
 
ऐसे कर सकेंगे एक्सेस
 
यूजर अपने मोबाइल, लैपटॉप या अन्य एनेबल्ड डिवाइस से वाई-फाई ऑप्शन में जाकर कनैक्ट करेंगे तो आधिकारिक पेज खुलते ही एक यूनीक कोड फ्लैश होगा। उस कोड को विशेष नंबर पर मैसेज करना होगा। कोड मैसेज करने पर उस आधिकारिक पेज पर हर आधा या एक घंटा तय समय सीमा के लिए यूजर इंटरनेट एक्सेस कर सकेंगे। इसके बाद सुविधा का लाभ उठाने के लिए पैसा देना पड़ सकता है। 
 
सुझाव तो यह भी दिया गया है कि परमानेंट कनेक्टिविटी के लिए पेमेंट मोड का विकल्प हो। या दिन में चार बार आधा घंटा तय समय सीमा के लिए इसे फ्री कर दिया जाए। इससे यूजर हर आधा घंटे में लॉग इन करेगा तो सिक्योरिटी भी बेहतर हो पाएगी।
 
 
वाई-फाई पर विचार तो चल रहा है, लेकिन अभी तक इसके बारे में मुझे बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है।’
 
ए.एम. देशपांडे, एडिशनल डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी, राजस्थान सरकार
 
'वाई-फाई को लेकर फिलहाल आईटी एक्सपर्ट्स से बात चल रही है, लेकिन इसमें निष्कर्ष निकलना बाकी है।'
 
संजय मल्होत्रा, आईटी सेकेट्ररी
 
आएंगी चुनौतियां लेकिन विकल्प मौजूद
 
>सुरक्षा की दृष्टि से यूजर की पहचान जरूरी।
 
सुझाव:यूजर के किए गए मैसेज से मोबाइल या आईपी रजिस्टर हो जाएगा और इंटरनेट पर की जा रही जानकारी सुरक्षा के मद्देनजर सर्विस प्रोवाइडर के पास चली जाएगी।
 
>यूजर के सुविधा को मिसयूज करने की स्थिति में क्या?
 
सुझाव:इसके लिए कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम काम करेगा। जो धमकी भरे ईमेल लिखने या अन्य किसी खुफिया सूचना पर हरकत में आएगा और सर्विस प्रोवाइडर को इसकी सूचना देगा।
 
>यूजर क्या सर्फ करेगा? गैरकानूनी गतिविधि या पोर्न साइट सर्फ करेगा तो?
 
सुझाव:कंटेंट फिल्टर सॉफ्टवेयर और पेरेंटल कंट्रोल सिस्टम काम करेगा। जो ऐसी किसी गतिविधि को रोकने का काम करेगा और ऐसी साइटें खुलने ही नहीं देगा।
 
>क्या व्यावहारिक तौर पर पूरे शहर को वाई-फाई बनाना संभव है? क्योंकि कुछ शहरों में ऐसी योजनाएं असफल हो चुकी हैं।
 
5 साल पहले भी कवायद
 
पिछली सरकार ने आईटी कंपनियों से एमओयू साइन कर हवामहल, जंतर-मंतर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और उद्योग भवन के आसपास क्षेत्र को वाई-फाई किया था। यह पेड मॉडल होने की वजह से सफल नहीं हो पाया। इसमें यूजर को पैसे देकर काउंटर पर वाई-फाई रजिस्ट्रेशन करवाना होता था, जिसमें यूजर का काफी समय बर्बाद हो जाता था।

19 फ़र॰ 2013

किशनगंगा परियोजना पर भारत ने दी पाक को मात

 court upholds indias favour on kishanganga project नई दिल्‍ली। अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पंचाट के हेग स्थित न्‍यायालय ने नीलम नदी पर 330 मेगावाट परियोजना के लिए आवश्‍यक जल डायवर्जन मामले में निर्णय भारत के पख में दिया है। गौरतलब कि भारत नीलम नदी पर 330 मेगावाट के 'किशनगंगा हाइड्रोइलेक्ट्रिक' परियोजना के लिए जल डायवर्जन करना चाहता था। जिस पर पाकिस्‍तान ने भारत पर सिंधु जल संधि की शर्तों का उल्‍लंघन करने का आरोप लगाते हुए इस परियोजना का विरोध किया था और इस पर स्‍थगन की मांग की थी। विदेश मंत्रालय ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि पंचाट न्‍यायालय के इस फैसले से साफ हो गया है कि सिंधु जल संधि की शर्तों का उल्‍लंघन नहीं किया गया है। हम न्‍यायालय के इस फैसले का स्‍वागत करते हैं जिससे कि भारत को अपनी परियोजना के लिए जल डायवर्जन की अनु‍मति मिल गयी है।
ऐसा माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद के बीच यह पाकिस्‍तान के लिए एक झटका है और इससे भारत को लाभ मिलेगा। इस परियोजना का लाभ कश्‍मीर के लोगों को मिलेगा।

पाक की डेंजरस दोस्‍ती! ग्‍वादर बंदरगाह किया चीन के हवाले

 pakistan hands over gwadar port to china नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। दोस्‍ती के नाम पर हर बार धोखा देने वाले पड़ोसी देश पाकिस्‍तान ने एक बार फिर भारत की पीठ में खंजर घोंपा है। पाकिस्‍तान ने हरमुज की खाड़ी से होकर जाने वाले जहाजों के रास्‍ते में पड़ने वाले ग्‍वादर बंदरगाह का प्रबंधन चीन को सौंप दिया है। जानकरों का मानना है कि पाकिस्‍तान का यह कदम भारत के लिये खतरे से खाली नहीं है। मालूम हो कि भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस संबंध में कुछ दिन पहले कहा था कि पड़ोसी देश के बंदरगाह पर चीन का नियंत्रण चिंताजनक है। पाकिस्‍तान और चीन के बीच जो समझौता हुआ है उसके अनुसार बंदरगाह का काम पूरा होने के बाद चीन की सेना इसका इस्‍तमाल कर सकेगी। यह भारत की सुरक्षा के मद्देनजर यह खतरनाक है। प्राप्‍त जानकारी के अनुसार उस बंदरगाह पर अधिकार तो पाकिस्‍तान का ही रहेगा मगर उसका प्रयोग और संचालन से होने वाले मुनाफे में चीन की कंपनी का हिस्‍सा होगा।
पाकिस्‍तान के बलूचिस्‍तान प्रांत स्थित ग्‍वादर बंदरगाह पर अब चीन की ‘चाइना ओवरसीज़ पोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड'का पूरी तरह कब्जा होगा। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस अवसर पर कहा कि इस समझौते से पाकिस्तान और चीन के बीच रिश्तों को नया बल मिलेगा और इससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक सहयोग का विस्तार आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में होगा। सीधे शब्‍दों में कहें तो उधार की जिंदगी जीने की आदत वाले पाकिस्‍तान के इस नापाक दोस्‍ती के चलते भारत पर खतरा मंडरा रहा है। वैसे भी चीन ने हमेशा से भारत में घुसपैठ करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ा है और अब जबकि उसे समंदर के रास्‍ते भारत पर निगराने रखने का मौका मिला है तो निश्चित तौर पर वो इसका पूरा प्रयोग करेगा।

18 फ़र॰ 2013

सरकार-ट्रेड यूनियन की वार्ता विफल, पक्‍का होगी हड़ताल

 
 union leaders govt meeting fails 2 days strike confirm नई दिल्‍ली। ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि मंडल और सरकार के बीच हुई वार्ता विफल हो गई है। बैठक खत्‍म होते ही यह पक्‍का हो गया कि बुधवार और गुरुवार को निश्चित तौर पर हड़ताल होगी। लिहाजा कल के लिये दूध-सब्‍जी आदि पहले से मंगवा कर रख लें। यदि आपको कहीं घूमने जाना है, तो प्‍लान कैंसल कर दें तो बेहतर होगा, क्‍योंकि पब्लिक कनवेयांस मिलना मुश्किल है। बैठक खत्‍म होने ट्रेड यूनियन के नेता जी संजीव रेड्डी ने घोषणा कर दी कि सभी कल और परसों देश व्‍यापी बंद रहेगा। हड़ताल के चलते, बसें, ऑटो, टैक्‍सी आदि नहीं चलेंगी। यही नहीं बैंकों में भी कोई काम नहीं होगा, क्‍योंकि नौ सरकारी बैंकों की यूनियनों ने हड़ताल घोषित कर दी है। सरकारी नगर बसें भी नहीं चलेंगी, क्‍योंकि इस हड़ताल में अधिकांश नगर बस सेवाओं की यूनियन भी शामिल हैं।  ट्रांसपोर्ट यूनियन ने फिलहाल हड़ताल में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है, यदि ट्रांसपोर्ट यूनियन भी शामिल हुईं, तो कल दूध, सब्‍जी, फल, आदि शहरों तक पहुंचना मुश्किल है। लिहाजा बेहतर होगा आप इन सब समस्‍याओं के लिये पहले से तैयार रहें। इस हड़ताल में करीब 2.5 करोड़ सरकारी कर्मचारी शामिल होंगे। हड़ताल के कारण पोस्‍टल सर्विस, इश्‍योरेंस सेक्‍टर, इंटरनेट बैंकिंग, आदि तमाम चीजें प्रभावित होंगी।

विधानसभा में शराब की बोतल लेकर पहुंचे विधायक

mla brings liqour in vidhan sabha पटना। बिहार विधानसभा के सोमवार से शुरू हुए बजट सत्र में उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक दिनेश प्रसाद सिंह राज्य सरकार की शराब नीति के विरोध में शराब की बोतलें लेकर विधानसभा परिसर में घुस गए।बजट सत्र के पहले ही दिन राजद के सभी सदस्यों ने प्रवेश द्वार पर सरकार की शराब नीति के विरोध में हंगामा किया।
 इस दौरान विधायक दिनेश सिंह उन बोतलों को लेकर द्वार के पास ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने विरोध में शराब की एक-दो बोतलें फोड़ भी दीं। विधायक दिनेश ने सरकार की शराब नीति को गलत करार देते हुए संवाददाताओं से कहा कि मुजफ्फपुर, आरा, पटना सहित कई इलाकों में शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई और सरकार कहती है कि शराब बंद कर देने से राजस्व की हानि होगी। mla brings liqour in vidhan sabha विधायक ने सरकार से बजट सत्र के दौरान ही जानकारी मांगी कि शराब के ठेके बंद कर देने से आखिर कितने राजस्व का नुकसान होगा और इसे चालू रखने से सरकार को कितना फायदा हो रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि आज बिहार में जितने भी अपराध हो रहे हैं, उनमें अधिकतर शराब के कारण ही हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि तीन अप्रैल तक चलने वाले इस बजट सत्र के दौरान 29 बैठकें होंगी। राज्य सरकार 21 फरवरी को वित्त वर्ष 2013-14 का बजट विधानसभा में पेश करेगी।

जेटली जासूसी केस:डिटेक्टिव एजेंसी मालिक सहित 2 गिरफ्तार

जेटली जासूसी केस:डिटेक्टिव एजेंसी मालिक सहित 2 गिरफ्तारनई दिल्ली। अरुण जेटली जासूसी केस में दो और गिरफ्तारी हुई है। अरुण जेटली के फोन कॉल डिटेल्स अवैध रूप से निकालने के मामले में दिल्ली पुलिस ने इनको गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों का नाम अनुराग और नीतीश है। अनुराग वही शख्स है जिसे दिल्ली पुलिस ने 2005 में अमर सिंह के फोन टैपिंग मामले मे गिरफ्तार किया था।
अनुराग डिटेक्टिव एजेंसी चलाता है साथ ही वो साइबर एक्सपर्ट और हैकर भी है। पुलिस इस मामले में अब तक कुल चार लोगो को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक की जांच में पता चला है कि नीतीश, अनुराग और नीरज डिटेक्टिव एजेंसी चलाते हैं और पुलिस वालों को मोटी रकम देकर लोगों के अवैध तरीके से कॉल डिटेल्स निकलवाते हैं। पुलिस इस मामले में कुछ और पुलिसवालों को गिरफ्तार कर सकती है। इस पूरे मामले के तार उत्तरांचल के एक बड़े बिल्डर से भी जुड़ रहे हैं।

नगालैंड के गृहमंत्री ने इस्तीफा दिया

कोहिमा: नगालैंड के गृहमंत्री इमकोंग एल इमचेन ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है, लेकिन नैतिकता को ध्यान में रखते हुए मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
नगालैंड के गृहमंत्री ने इस्तीफा दिया
नगालैंड के गृहमंत्री इमकोंग एल इमचेन को कल कथित तौर पर अपने वाहन में हथियार और एक करोड से ज्यादा नगद ले जाने के लिए वोखा जिले के करीब हिरासत में लिया गया था।

उनके पास से पांच पिस्टल, दो लॉन्ग रेंज गन, कारतूस और एक करोड़ 20 लाख रुपए बरामद किए गए थे। उनके खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। गौरतलब है कि नगालैंड में 23 फरवरी को चुनाव होने हैं।