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5 अप्रैल 2013

वसुंधरा की यात्रा में ‘मोदी-मोदी’ की गूंज, राजनाथ सिंह हुए बैचेन

वसुंधरा की यात्रा में ‘मोदी-मोदी’ की गूंज, राजनाथ सिंह हुए बैचेन
जयपुर। राजस्‍थानन के राजसमंद के चारभुजा में भाजपाध्‍यक्ष राजनाथ सिंह और प्रदेशाध्‍यक्ष वसुंधरा राजे के सामने ही नरेंद्र मोदी के नारे लगने लगे। हर कोई मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का नारा लगा रहा था। राजनाथ सिंह जैसे ही भाषण देने लगे तो भीड़ ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। मामला बेकाबू होता देख राजनाथ ने कहा कि हां, हां, मैंने सुन लिया, अब शांत हो जाएं। भीड़ पर असर नहीं हुआ और नारे जारी रहे। राजनाथ सिंह के भाषण के आखिरी तक अव्यवस्था बनी रही। अधिकतर लोग खड़े ही रहे। राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में भाजपा शासित राज्यों की जमकर तारीफ की, लेकिन एक बार भी मोदी के नाम का जिक्र तक नहीं किया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने 10 साल बाद गुरुवार को तीर्थस्थल चारभुजाजी से सुराज संकल्प यात्रा शुरू करते हुए चुनावी शंखनाद किया। भाजपाध्यक्ष राजनाथ सिंह ने यात्रा के रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वसुंधरा ने कांग्रेस सरकार पर जमकर प्रहार किए। चार साल तक गायब रहने के कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, मैं चार साल तक प्रदेश की जनता के दिलों के बीच थी। 
 
दस साल बाद वसुंधरा राजे फिर से कोई यात्रा कर प्रदेश में चुनावों की तैयारी कर रही हैं। इससे पहले 2003 में वसुंधरा राजे ने चुनावों से पहले पूरे प्रदेश में यात्रा की थी। राजसमंद जिले के तीर्थस्थल चारभुजाजी में एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया।

राजस्थानः LOVE MARRIAGE करने वालों को मिलेगी ढाई लाख की एफडी और ढाई लाख कैश


जयपुर। राजस्थान में 1 अप्रैल के बाद अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को सरकार 2.50 लाख रुपए की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) देगी। जबकि इतनी ही राशि घर बसाने के उद्देश्य से घरेलू उपयोग की जरूरी चीजें खरीदने के लिए नकद दी जाएगी। अब तक इस तरह के युगलों को केवल 50,000 रुपए ही दिए जाते थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मार्च में बजट के दौरान अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को पांच लाख दिए जाने की घोषणा की थी। पांच लाख में से ढाई लाख एफडी के रूप में और ढाई लाख कैश के रूप में दिया जाएगा। राज्य सरकार के इस निर्णय का चहुंओर स्वागत किया गया और इसे वाकई सामाजिक बदलाव लाने वाले निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा एफडी पति-पत्नी दोनों के नाम से होगी। इसे 8 साल से पहले तुड़वाया नहीं जा सकेगा। इस तरह का प्रावधान करने का उद्देश्य यह है कि अंतरजातीय विवाह के पश्चात पति-पत्नी में किसी तरह का मनमुटाव और झगड़ा नहीं हो। ऐसी शादी कम से कम आठ साल तक तो चले।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही बजट में अंतरजातीय विवाह करने वाले युगलों को सरकार की ओर से 5 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी।इसमें भी शर्त यह है कि पति अथवा पत्नी दोनों में से कोई एक अनुसूचित जाति से संबंध रखता हो। इस घोषणा का उद्देश्य प्रदेश में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

मामूली कहासुनी के बाद पथराव, हंगामा और जला दी पेपर फैक्ट्री

जयपुर। सांगानेर बाजार में गुरुवार शाम को पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने की बात को लेकर हुए मामूली झगड़े के बाद दो समुदाय के लोगों के बीच झगड़ा हो गया। दो घंटे तक दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव हुआ। उपद्रवियों ने वाहनों व हैंडमेड पेपर फैक्ट्री में आग लगा दी। पथराव के दौरान मामले को शांत कराने में लगे पुलिस कमिश्नर व एसीपी सांगानेर सहित कई पुलिस अधिकारी व दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। घायल पुलिस अधिकारियों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने दो घंटे बाद तीन वज्र वाहन मंगाए। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, तब जाकर स्थिति पर नियंत्रण किया गया।
मामूली कहासुनी के बाद पथराव, हंगामा और जला दी पेपर फैक्ट्री

3 अप्रैल 2013

यशवंत सिन्हा की चुनौती पर बोले पीएम, छिपाने को कुछ नहीं

यशवंत सिन्हा की चुनौती पर बोले पीएम, छिपाने को कुछ नहींनई दिल्ली: 2जी मामले में जेपीसी के समक्ष पेश होने की यशवंत सिन्हा की मांग को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ठुकरा दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि जेपीसी के पास सारे दस्तावेज हैं। हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं है।
संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य सिन्हा ने दो दिन पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, जिसके जवाब में मनमोहन सिंह ने कहा कि समिति को आंतरिक रूप से तय करना चाहिए कि उसे पूछताछ के लिए किसे बुलाना है। प्रधानमंत्री ने सिन्हा को भेजे जवाबी पत्र में कहा कि क्या साक्ष्य पेश होने चाहिए और किसे जेपीसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा जाना चाहिए, ये फैसले इस तरह के मामले होते हैं, जिन्हें जेपीसी और उसके अध्यक्ष द्वारा आंतरिक रूप से तय करने की आवश्यकता है।
सिंह ने कहा कि 2008 में हुए 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में न तो खुद उनके पास और न ही सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ है। उन्होंने बीजेपी नेता से कहा कि उन्हें (सिन्हा को) जानकारी है कि सभी उचित रिकॉर्ड और दस्तावेज जेपीसी के पास पहले से ही उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री को लिखे गए सिन्हा के पत्र से जेपीसी में आंतरिक कलह फैल गई। समिति के अध्यक्ष पीसी चाको ने मंगलवार को सिन्हा की मांग को यह कहते हुए नकार दिया कि यह एक 'राजनीतिक स्टंट' है।
चाको ने कहा कि प्रधानमंत्री को सिन्हा की ओर से पत्र लिखकर सीधे तौर पर यह कहना कि वह (मनमोहन सिंह) जेपीसी के समक्ष पेश हों, स्थापित नियमों के खिलाफ है। सिन्हा ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा द्वारा जेपीसी से की गई मांग को आगे बढ़ाते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री को समिति के समक्ष पेश होना चाहिए। बीजेपी नेता की दलील है कि राजा ने सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
सिन्हा की आलोचना करते हुए चाको ने कहा कि जेपीसी का कोई सदस्य प्रधानमंत्री को कैसे पत्र लिख सकता है? इस बारे में फैसला समिति को करना होता है। सिन्हा का पत्र केवल राजनीतिक स्टंट है और यह संसदीय प्रक्रिया के नियमों के खिलाफ है। कांग्रेस नेता चाको ने कहा कि सिन्हा के पत्र की कोई प्रासंगिकता नहीं है, क्योंकि किसी मंत्री को बुलाना हो या कोई अन्य फैसला, समिति ही तय करती है, न कि कोई व्यक्ति।
चाको ने कहा कि यदि समिति चाहे तो भी वह किसी मंत्री को बतौर गवाह तब तक नहीं बुला सकती, जब तक उसके बारे में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित न हो जाए। प्रस्ताव को फैसले के लिए लोकसभा अध्यक्ष को भेजा जाता है। प्रधानमंत्री के पेश होने की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए जेपीसी में सिन्हा और बीजेपी के पांच अन्य सदस्यों ने पिछले साल कुछ समय के लिए समिति की कार्यवाही का बहिष्कार किया था।

सिन्हा ने जेपीसी की बैठक दो महीने के लिए न बुलाए जाने को लेकर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की थी। अपनी मांग को उचित ठहराने के लिए सिन्हा ने दलील दी थी कि संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) जब 2जी घोटाले की जांच कर रही थी, तो प्रधानमंत्री ने उसके समक्ष पेश होने की पेशकश की थी और उन्हें जेपीसी के समक्ष पेश होने से भी हिचकिचाना नहीं चाहिए।